Yogi Adityanath on namaz: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (1 अप्रैल) को सड़क पर नमाज़ पढ़ने पर लगाए गए प्रतिबंध का समर्थन किया. उन्होंने इसे सही और जरूरी कदम बताया. इसके साथ ही, सीएम योगी ने प्रयागराज में हुए महाकुंभ को धार्मिक अनुशासन और व्यवस्थित आचरण का उदाहरण भी बताया.
महाकुंभ का उदाहरण
सीएम योगी ने एक इंटरव्यू में कहा, "प्रयागराज में हुए महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और सबकुछ बिना किसी हिंसा या किसी अप्रिय घटना के हुआ. वहां न लूटपाट हुई, न आगजनी, न छेड़छाड़, न तोड़फोड़ और न ही कोई अपहरण की घटना घटी. यह धार्मिक अनुशासन का एक उदाहरण है." उन्होंने बताया कि लोग श्रद्धा के साथ 'महास्नान' में भाग लेने आए और बिना किसी समस्या के अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए.
रोड पर नमाज़ पढ़ने के खिलाफ बयान
सीएम योगी ने कहा, "सड़कें लोगों के चलने के लिए होती हैं. जो लोग सड़क पर नमाज़ पढ़ने की बात कर रहे हैं, उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए." उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों और उत्सवों का उद्देश्य उन्हें गड़बड़ियों का कारण बनाना नहीं होना चाहिए. अगर कोई सुविधा चाहता है, तो उसे उस अनुशासन का पालन भी करना चाहिए.
ईद पर सुरक्षा और निगरानी
इस साल मेरठ पुलिस ने एक निर्देश जारी किया था जिसमें कहा गया कि ईद की नमाज़ केवल तय स्थानों पर ही पढ़ी जाएगी, जैसे मस्जिदें और कुछ सार्वजनिक स्थल. इसके अलावा, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए AI संचालित ड्रोन और सोशल मीडिया की निगरानी भी की गई.
मेरठ में मामूली झड़प
मेरठ में एक छोटी सी झड़प हुई, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. ईद का चांद दिखने के बाद रमज़ान के रोजे खोलने का जश्न शुरू हुआ, जो त्योहार की शुरुआत का प्रतीक है.