इस धरती पर न जाने कितने रहस्य छिपे हैं. इन सारे रहस्यों में से एक ऐसा अनदेखा रहस्य सामने आया है, जिसे देख आप भी दंग रह जाएंगे. ऐसा ही एक मामला पाकिस्तान में देखने को मिला है. पाकिस्तान के इतिहासकारों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. दरअसल वहां के एक बौद्ध मंदिर में रहस्यमयी खजाना मिला है. खजाने को देखकर इतिहासकारों की आंखें खुली कि खुली रह गई. पाकिस्तानी के इतिहासकारों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. यहां के एक बौद्ध मंदिर में रहस्यमयी खजाना मिला है. खजाना यहां करीब 2000 साल पहले रखा गया था. बता दें कि अब इतिहासकार पूरे एरिया के सर्वे में जुट गए हैं.
पाकिस्तान में मिला 2000 साल पुराना दुर्लभ भंडार
बता दें कि लाइव साइंस ने पाकिस्तान में मिले दुर्लभ खजाने को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है. माना जा रहा है कि यह दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान में मोहन जोदाड़ो के विशाल खंडहरों के बीच में स्थित है. यह इमारत करीब 2600 ईसा पूर्व की बताई जा रही है. इसके अलावा पाकिस्तान के इस दुर्लभ खजाने को लेकर कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं. पाकिस्तान के इतिहासकारों की तरफ से खजाने के बारे में कहा जा रहा है कि यह मोहन जोदाड़ो के पतन के करीब 1600 साल के बाद का है. पहले यहां इमारतें थीं और खंडहर बनने के बाद बौद्ध स्तूप स्थापित किए गए. साथ ही इतिहासकारों की पूरी टीम अब इस खजाने की देखभाल कर रही है और आगे की खोदाई का काम भी चल रहा है. माना जा रहा है कि यहां स्थापित बौद्ध स्तूपों में और भी खजाना मिल सकता है.
मिट्टी के ढेर में मिले हरे रंग वाले सिक्के
आपको बता दें कि पाकिस्तान में मिले खजाने को देखने वालों ने बताया कि यह सिक्के पूरी तरह से हरे रंग में हैं. तांबा यदि हवा के संपर्क में आता है तो खराब हो जाता है. संभवतः इसी वजह से सिक्कों को रंगा गया है ताकि खराब न हो पाएं. यह खजाना सदियों से मिट्टी में दबा होने की वजह से मिट्टी के ढेर जैसा दिखाई दे रहा है. इसके अलावा बता दें कि मिले खजाने का कुल वजन करीब 5.5 किलोग्राम है. स्थानीय लोगों में भी खजाने को लेकर कौतूहल है और हर कोई इसकी एक झलक पाने को बेहद परेशान है.