फिजिकल स्टांप पेपर रद्दी में बिकेगा! 1 अप्रैल से पहले कर लें ये काम; वापस करने का आखिरी मौका

Physical stamp paper: अगर किसी ने आज फिजिकल स्टांप पेपर वापस नहीं किया, तो उसके पास रखे लाखों रुपए के स्टांप पेपर रद्दी हो जाएंगे.

Physical stamp paper will be sold as waste Do this before 1st April
फिजिकल स्टांप पेपर

Physical stamp paper: आज फिजिकल स्टांप पेपर वापस करने का आखिरी मौका है. अगर किसी ने आज तक फिजिकल स्टांप पेपर वापस नहीं किया, तो उसके पास रखे लाखों रुपए के स्टांप पेपर रद्दी हो जाएंगे. हालांकि, अगर आपने आज रात 12 बजे तक वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा लिया, तो आप 1 अप्रैल को स्टांप पेपर जमा कर सकते हैं. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक लाख से अधिक खरीदारों को रजिस्ट्री का इंतजार है, जिन्होंने बिल्डरों के कहने पर स्टांप पेपर खरीदे थे.

फिजिकल स्टांप पेपर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक

सरकार ने 31 मार्च के बाद फिजिकल स्टांप पेपर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और सभी से फिजिकल स्टांप पेपर को वापस करने के लिए कहा गया है. 10 प्रतिशत कटौती के साथ उनकी राशि भी वापस कर दी जाएगी. 30 मार्च तक कलेक्ट्रेट स्थित एआईजी द्वितीय के कार्यालय में 256 खरीदारों ने फिजिकल स्टांप पेपर वापस किया, जिसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपए थी. अभी भी हजारों खरीदारों के पास 100 करोड़ से अधिक फिजिकल स्टांप पेपर हैं, जिनके पास इन्हें वापस करने का आज आखिरी मौका है.

खरीदारों को www.igrsup.gov.in पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन पर्ची के साथ खरीदार 1 अप्रैल को भी फिजिकल स्टांप पेपर जमा कर सकते हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन 31 मार्च की रात 12 बजे तक ही किया जा सकेगा.

ई-स्टांप प्रणाली के लागू होने से कई फायदे

ई-स्टांप प्रणाली के लागू होने से कई फायदे होंगे. सबसे पहले, यह प्रणाली पारदर्शिता को बढ़ाएगी और वित्तीय गड़बड़ियों को रोकेगी. फिजिकल स्टांप पेपर के साथ अक्सर धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज़ और टैक्स चोरी होते रहे हैं, जिन्हें ई-स्टांप प्रणाली में रोका जा सकेगा. ई-स्टांप से संबंधित सभी लेन-देन डिजिटली रिकॉर्ड किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके. इसके अलावा, ई-स्टांप प्रणाली से सरकारी खजाने को भी लाभ होगा, क्योंकि स्टांप पेपर की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से डिजिटल होगी.

लिफ्ट एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए नोएडा जिला प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है. लिफ्ट संचालकों को रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए डेडलाइन दी गई है. अगर 1 अप्रैल तक किसी ने लिफ्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया, तो उसे 7 दिन या उससे कम के लिए 100 रुपए हर दिन के हिसाब से लेट फीस देनी होगी. 7 दिन बाद और 15 दिन बाद भी 200 रुपए लेट फीस देना होगा.

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