हर कोई नहीं बन सकता 'धोनी'!ये 5 रिकॉर्ड 'थाला' को बनाते हैं क्रिकेट का 'धुरंधर'

हर कोई नहीं बन सकता 'धोनी'!ये 5 रिकॉर्ड 'थाला' को बनाते हैं क्रिकेट का 'धुरंधर'

7 जुलाई को एमएस धोनी अपना जन्मदिन मनाते हैं. शांत स्वभाव, बेहतरीन कप्तानी और मैच फिनिश करने की कला ने उन्हें दुनिया के महान क्रिकेटरों में शामिल किया. आज भी उनके कई रिकॉर्ड अटूट माने जाते हैं.

हर कोई नहीं बन सकता 'धोनी'!ये 5 रिकॉर्ड 'थाला' को बनाते हैं क्रिकेट का 'धुरंधर'

धोनी क्रिकेट इतिहास के इकलौते कप्तान हैं जिन्होंने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती. यह रिकॉर्ड में आज भी उनके नाम दर्ज है और उन्हें सबसे सफल कप्तानों में गिना जाता है.

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धोनी ने भारत की कप्तानी करते हुए 332 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने कई यादगार जीत दर्ज कीं और लंबे समय तक दुनिया की शीर्ष टीमों में अपनी जगह बनाए रखी.

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धोनी 84 बार वनडे में नाबाद लौटे, जो अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है. यही वजह है कि उन्हें दुनिया का सबसे भरोसेमंद फिनिशर कहा जाता है. मुश्किल हालात में मैच जिताना उनकी सबसे बड़ी पहचान रही.

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साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ धोनी ने 183 रन की विस्फोटक पारी खेली थी. यह वनडे क्रिकेट में किसी भी विकेटकीपर बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है और आज भी कायम है.

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एमएस धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 195 स्टंपिंग का रिकॉर्ड है. उनकी बिजली जैसी फुर्ती और शानदार ग्लववर्क ने कई मैचों का रुख पलट दिया.

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