Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच एक बड़ा सवाल सामने आया है, जब अमेरिका के पास अत्याधुनिक फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट्स मौजूद हैं, तो वह अभी भी पुराने माने जाने वाले F-15E Strike Eagle का इस्तेमाल क्यों कर रहा है? हाल ही में ईरान में इस जेट के गिरने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है.
अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बावजूद ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है. इसी दौरान एक अमेरिकी F-15E जेट ईरान के ऊपर गिरा, हालांकि उसमें सवार दोनों क्रू मेंबर्स ने सुरक्षित इजेक्ट कर लिया और बाद में उन्हें बचा भी लिया गया.
क्या वाकई पुराना है F-15E?
F-15E स्ट्राइक ईगल को 1980 के दशक में विकसित किया गया था और यह करीब 45-50 साल से अमेरिकी वायुसेना का अहम हिस्सा है. भले ही इसे पुरानी पीढ़ी का जेट माना जाता हो, लेकिन लगातार अपग्रेड के कारण यह आज भी बेहद ताकतवर और उपयोगी बना हुआ है.
यह 4.5 जेनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे हवा से हवा और हवा से जमीन—दोनों तरह के मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें ग्लास कॉकपिट, आधुनिक डिजिटल सिस्टम और एडवांस एईएसए रडार जैसे कई अपग्रेड जोड़े गए हैं.
‘बॉम्ब ट्रक’ क्यों कहा जाता है?
F-15E की सबसे बड़ी ताकत उसकी भारी हथियार ले जाने की क्षमता है. यह करीब 10,400 किलोग्राम तक हथियार और बम ले जा सकता है.
यही वजह है कि इसे “बॉम्ब ट्रक” कहा जाता है. यह कम ऊंचाई और तेज रफ्तार में दुश्मन के ठिकानों पर भारी हमला करने में सक्षम है. इसकी अधिकतम गति करीब मैक 2.5 तक पहुंच सकती है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाती है.
F-35 और F-22 के बावजूद F-15E क्यों?
अमेरिका के पास F-35 Lightning II और F-22 Raptor जैसे अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट मौजूद हैं. ये जेट दुश्मन के रडार से बचकर सटीक हमले करने में माहिर हैं.
लेकिन इनकी एक बड़ी सीमा है- हथियार ले जाने की क्षमता. स्टेल्थ बनाए रखने के लिए इन्हें हथियार अपने अंदर (इंटरनल बे) में रखने होते हैं, जिससे पेलोड सीमित हो जाता है.
इसके उलट F-15E ज्यादा हथियार, बड़ी दूरी और तेज रफ्तार के साथ हमला कर सकता है. इसलिए अमेरिकी सेना अक्सर इन जेट्स को टीम के रूप में इस्तेमाल करती है—
क्या अमेरिका के पास F-35 की कमी है?
यह भी एक बड़ा सवाल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पास पर्याप्त F-35 जेट हैं, लेकिन उनमें से बड़ी संख्या मेंटेनेंस और तकनीकी समस्याओं के कारण ऑपरेशन के लिए उपलब्ध नहीं रहती.
बताया जाता है कि केवल करीब 50–60% जेट ही किसी भी समय मिशन के लिए तैयार होते हैं. जटिल सॉफ्टवेयर, स्पेयर पार्ट्स की कमी और मेंटेनेंस में देरी इसके बड़े कारण हैं.
असली समस्या- रेडिनेस और पायलट की कमी
अमेरिका के पास दुनिया का सबसे बड़ा एयरफोर्स बेड़ा है, जिसमें 13,000 से ज्यादा विमान शामिल हैं. लेकिन समस्या संख्या की नहीं, बल्कि ऑपरेशन के लिए तैयार विमानों की है.
इसके अलावा पायलटों की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है. कई अनुभवी पायलट बेहतर वेतन के कारण कमर्शियल एयरलाइंस में चले जाते हैं. इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिकी वायुसेना भारी बोनस तक देती है, लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है.
इसलिए अभी भी जरूरी है F-15E
इन सभी कारणों से, भले ही F-15E पुराना जेट हो, लेकिन इसकी उपयोगिता अभी भी खत्म नहीं हुई है.
इन खूबियों के कारण इसे तुरंत रिटायर करना संभव नहीं है.
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