वॉशिंगटन: अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर ईरान पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने साफ कर दिया है कि हूतियों द्वारा किए गए हर हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
ट्रंप की खुली चेतावनी
ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी सख्त प्रतिक्रिया जाहिर की. उन्होंने कहा, 'हूतियों द्वारा दागी गई हर गोली को ईरान का समर्थन प्राप्त होगा माना जाएगा. ईरान को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे.'
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान आतंकी संगठनों को समर्थन देता है और फिर दावा करता है कि उसका उन पर कोई नियंत्रण नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी हमले का पूरी ताकत से जवाब देगा, और यह जवाब केवल हूतियों तक ही सीमित नहीं रहेगा.
लाल सागर में बढ़ता तनाव
हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में लाल सागर से गुजरने वाले अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बनाया है. अमेरिका ने इस चुनौती का जवाब देते हुए यमन में हूती ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए. इसके बाद हूतियों ने भी पलटवार करते हुए अमेरिकी युद्धपोत USS हैरी ट्रूमैन और अन्य सैन्य जहाजों पर मिसाइल दागे.
हूती नेता अब्दुल मलिक ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने यमन पर और हमले किए, तो उनके लड़ाके लाल सागर में अमेरिकी सैन्य जहाजों को लगातार निशाना बनाते रहेंगे.
समुद्री व्यापार को खतरा
गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से हूती विद्रोही लाल सागर में लगातार हमले कर रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हो रहा है. यह मार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रूट्स में से एक है, जहां अब युद्ध का माहौल बन गया है.
स्थिति को देखते हुए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के जहाजों को अपने मार्ग बदलने पर मजबूर होना पड़ा है. इस संघर्ष के बढ़ने से वैश्विक शांति और स्थिरता पर भी खतरा मंडराने लगा है.
क्या आगे हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हूती विद्रोहियों के हमले जारी रहे और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ता रहा, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष वैश्विक स्तर पर असर डाल सकता है. अमेरिका की ओर से पहले ही कड़ा रुख अपनाया जा चुका है, और आगे और आक्रामक जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
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