वक्फ संशोधन बिल पर सरकार के साथ JDU, समर्थन का किया एलान

बिहार से एक बड़ी खबर आई है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. पार्टी के चीफ व्हिप देलेश्वर कामत ने कहा है कि वे संसद में इस बिल के पक्ष में वोट करेंगे.

वक्फ संशोधन बिल पर सरकार के साथ JDU, समर्थन का किया एलान
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Waqf Amendment Bill 2025: बिहार से एक बड़ी खबर आई है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने वक्फ संशोधन बिल पर केंद्र सरकार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. पार्टी के चीफ व्हिप देलेश्वर कामत ने कहा है कि वे संसद में इस बिल के पक्ष में वोट करेंगे. इसके लिए पार्टी के सभी सांसदों को व्हिप जारी किया जा चुका है.

केंद्र सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि

टीडीपी (चंद्रबाबू नायडू की पार्टी) और एलजेपीआर (चिराग पासवान की पार्टी) के समर्थन के बाद, अब जेडीयू का समर्थन केंद्र सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. बताया जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पेश किया जा सकता है.

केंद्र सरकार के साथ जेडीयू का सहयोग

जेडीयू ने केंद्र सरकार को कुछ सुझाव दिए थे, जिनमें से कुछ सुझाव केंद्र सरकार ने मान लिए हैं. इसके बाद, नीतीश कुमार की पार्टी ने इस बिल का समर्थन करने का फैसला किया है. यह माना जा रहा है कि प्रमुख सहयोगियों के समर्थन से केंद्र सरकार लोकसभा में बहुमत जुटा लेगी और यह बिल आसानी से पास हो जाएगा.

एलजेपीआर का समर्थन

इससे पहले, लोक जन शक्ति पार्टी (रामविलास) यानी एलजेपीआर ने भी वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन करने का ऐलान किया था. पार्टी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और उन्हें 2 और 3 अप्रैल को संसद में उपस्थित रहने को कहा है.

वक्फ संशोधन बिल के प्रमुख प्रावधान

  • वक्फ अधिनियम का नाम बदलकर: "यूनिफाइड वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995" किया जाएगा.
  • वक्फ की परिभाषा में बदलाव: अब इसे कोई भी व्यक्ति घोषित कर सकता है जो कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहा हो और उस संपत्ति का स्वामी हो.
  • महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकार: महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
  • वक्फ सर्वेक्षण: डिप्टी कलेक्टर या उच्च अधिकारी को वक्फ सर्वेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
  • वक्फ बोर्ड की संरचना में सुधार: इसमें मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा.
  • वक्फ संपत्तियों का अतिक्रमण हटाना: वक्फ संपत्तियों के अतिक्रमण को हटाने और उनके पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल और डेटाबेस बनाया जाएगा.
  • ट्रिब्यूनल व्यवस्था में संशोधन: ट्रिब्यूनल को प्रभावी बनाने के लिए दो सदस्यीय ट्रिब्यूनल होगा और उच्च न्यायालय में अपील की समय-सीमा 90 दिन तय की जाएगी.
  • धारा 40 का हटाना: वक्फ बोर्ड को यह अधिकार नहीं होगा कि वह तय करें कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या नहीं. वक्फ प्रबंधन के लिए वार्षिक योगदान में कमी: वक्फ प्रबंधन के लिए वार्षिक योगदान को 7% से घटाकर 5% किया जाएगा.

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रशासन, सशक्तिकरण और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी गई है ताकि वक्फ संपत्तियों का उपयोग समुदाय के हित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके.