नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों से जुड़े एक पुराने हमले का वीडियो सामने आया है. फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया है कि 22 अप्रैल को एक जहाज को निशाना बनाया गया था. जहाज पर कुल 22 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 21 भारतीय थे.
एफएसयूआई ने जारी किया वीडियो
एफएसयूआई के मुताबिक, वीडियो में कई छोटी नावें जहाज को चारों तरफ से घेरती नजर आ रही हैं. यूनियन का दावा है कि इसी दौरान जहाज पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला किया गया. अचानक हुए हमले के बाद जहाज पर मौजूद नाविक अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिपते दिखाई दे रहे हैं.
On 22 April, in the Strait of Hormuz, a vessel carrying 22 crew members, of whom 21 were Indian, faced a deeply distressing situation.
— FSUI (@FSUIINDIA) August 20, 2026
These were not pirates.
They were naval forces of the IRGC.
Videos show several small boats surrounding the vessel, the intensity of the… pic.twitter.com/5UgxtZETSd
यूनियन ने दावा किया कि हमला करने वाले समुद्री लुटेरे नहीं, बल्कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जवान थे.
जहाज पर दहशत का माहौल
एफएसयूआई ने कहा कि वीडियो में हमले के दौरान जहाज पर मौजूद नाविकों की मुश्किल साफ दिखाई देती है. छोटी नावों से घिरे जहाज पर अचानक फायरिंग होने के बाद क्रू मेंबर सुरक्षित जगह तलाशते नजर आते हैं.
यूनियन के मुताबिक, इस घटना ने दिखाया कि होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री रास्ते में काम करने वाले नाविक किस तरह के खतरे का सामना कर रहे हैं.
सिर्फ एडवाइजरी से सुरक्षा नहीं
एफएसयूआई ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा के लिए केवल सुरक्षा एडवाइजरी जारी करना काफी नहीं है. समुद्र में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मजबूत नौसैनिक मौजूदगी भी जरूरी है.
यूनियन ने दावा किया कि होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर दबाव बनाने के लिए ईरानी आईआरजीसी की छोटी नावों का इस्तेमाल किया गया.
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. भारतीय नाविक भी कई घटनाओं में खतरे का सामना कर चुके हैं.
एफएसयूआई का कहना है कि ऐसे मामलों में जहाजों और उन पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटना और हमलावरों की पहचान को लेकर एफएसयूआई के दावे की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
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