लद्दाख: करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर लद्दाख के बेहद मुश्किल पहाड़ी इलाके में 56 साल के एक अमेरिकी ओसीआई की तबीयत बिगड़ गई. ऐसी जगह पर मेडिकल मदद पहुंचाना आसान नहीं था. हालात को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने एयर रेस्क्यू का फैसला किया. इसके बाद चीता हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी और मुश्किल परिस्थितियों के बीच व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
लद्दाख का पहाड़ी इलाका अपनी ऊंचाई और कठिन रास्तों के लिए जाना जाता है. ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और मौसम भी तेजी से बदल सकता है. ऐसे में बीमार या घायल व्यक्ति तक जमीन के रास्ते पहुंचना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है.
सबसे बड़ी चुनौती थी लैंडिंग
भारतीय वायुसेना को जब 56 वर्षीय अमेरिकी ओसीआई की मेडिकल इमरजेंसी की जानकारी मिली तो तुरंत हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू करने का फैसला लिया गया. वह फेयांग वैली के पास करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर थे.
इस रेस्क्यू में सबसे बड़ी चुनौती हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतारना था. आसपास ग्लेशियर और ऊंचे पहाड़ थे, जबकि लैंडिंग के लिए जगह बहुत कम थी. ऐसे इलाके में थोड़ी सी भी चूक खतरनाक हो सकती थी.
An Indian Air Force Cheetah helicopter undertook Casevac of a 56-year-old OCI, settled in the USA, from Sumzon Glacier, Pheyang Valley, situated at an altitude of 15,000 ft.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) August 19, 2026
Despite the challenging terrain, and restricted landing area, the crew executed a safe landing and… pic.twitter.com/3LDgH845DX
इसके बावजूद भारतीय वायुसेना के चीता हेलिकॉप्टर ने बेहद सावधानी के साथ सीमित जगह पर लैंडिंग की. पायलटों ने कठिन हालात में ऑपरेशन को पूरा किया और मरीज को सुरक्षित हेलिकॉप्टर में पहुंचाया.
इलाज के लिए लेह लाया गया
रेस्क्यू किए गए 56 वर्षीय ओसीआई को आगे की मेडिकल मदद के लिए लेह पहुंचाया गया. समय पर हुई इस एयरलिफ्ट की वजह से उन्हें जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सकी.
लद्दाख जैसे दुर्गम इलाकों में कई जगह सड़क के रास्ते पहुंचना मुश्किल होता है. ऐसे में हेलिकॉप्टर के जरिए मरीजों को कम समय में सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना बेहद अहम हो जाता है.
IAF ने फिर दिखाई अपनी क्षमता
करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर सीमित जगह में चीता हेलिकॉप्टर की लैंडिंग और उसके बाद मरीज को सुरक्षित लेह पहुंचाना आसान काम नहीं था. इस ऑपरेशन ने दिखाया कि मुश्किल पहाड़ी इलाकों में आपात स्थिति के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है.
लद्दाख में पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियां बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में मेडिकल इमरजेंसी की चुनौती भी बढ़ सकती है. ऐसे में समय पर होने वाला एयर रेस्क्यू किसी की जान बचाने में अहम साबित हो सकता है.
इस अभियान में भारतीय वायुसेना के पायलटों की कुशलता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तेजी से फैसला लेने की क्षमता भी सामने आई. 15 हजार फीट की ऊंचाई पर किया गया यह रेस्क्यू बताता है कि बेहद कठिन इलाकों में भी जरूरत पड़ने पर वायुसेना कितनी तेजी से मदद पहुंचा सकती है.
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