नई दिल्ली: भारत में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. योजना के तहत अब तक 50 लाख से ज्यादा परिवारों को अपनी बिजली खुद पैदा करने में मदद मिली है. इस पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने में डिजिटल तकनीक की बड़ी भूमिका सामने आ रही है.
योजना के नेशनल पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन से लेकर सब्सिडी पाने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है. अब नागरिकों के अनुभव को और आसान बनाने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने नए डिजिटल टूल्स भी शुरू किए हैं.
एक मिनट में सोलर प्लान का अंदाजा
मंत्रालय की ओर से ‘गेट सोलर इन 60 सेकंड’ नाम का इंटरैक्टिव डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है. इसका उद्देश्य लोगों के लिए रूफटॉप सोलर लगवाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.
इस टूल में उपयोगकर्ता अपना नाम, फोन नंबर, राज्य और जिला दर्ज करते हैं. इसके बाद बिजली बिल और सैंक्शन्ड लोड की जानकारी देने के बाद उन्हें उनके घर के लिए सही सोलर क्षमता का अनुमान मिलता है.
इसके साथ ही टूल से सोलर प्लांट की अनुमानित लागत, सरकारी सब्सिडी, उपलब्ध बैंक लोन, ब्याज दर और संभावित बचत की जानकारी भी मिलती है. इसके बाद उपयोगकर्ता पीएम सूर्य घर योजना के तहत पंजीकृत वेरिफाइड वेंडरों की जानकारी लेकर उनसे संपर्क कर सकते हैं.
व्हाट्सऐप पर भी मिलेगी मदद
पीएम सूर्य घर योजना की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मंत्रालय ने ‘सनटोश’ नाम का व्हाट्सऐप आधारित एआई चैटबॉट भी शुरू किया है. इसे 4 जून 2026 को लॉन्च किया गया था.
इसके जरिए नागरिक रूफटॉप सोलर से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी हासिल कर सकते हैं. चैटबॉट सब्सिडी की पात्रता और अनुमानित बचत से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराता है.
डिजिटल तरीके से आसान हुई सरकारी योजना
पीएम सूर्य घर योजना पहले से ही एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए संचालित की जा रही है. इसमें रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करने से लेकर सब्सिडी वितरण तक की प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है.
मंत्रालय का कहना है कि मोबाइल, व्हाट्सऐप और एआई जैसे डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से लोगों के लिए सरकारी योजना तक पहुंचना आसान हो रहा है. इससे कागजी कार्रवाई कम करने और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने में भी मदद मिल रही है.
1 करोड़ परिवारों का है लक्ष्य
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2024 को लॉन्च किया था. इसका लक्ष्य देश के 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर सिस्टम उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सके.
योजना के तहत 2026-27 तक 30 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार के मुताबिक, इससे करीब 1,000 बिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा पैदा होने और योजना के पूरे जीवनकाल में करीब 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है.
50 लाख से ज्यादा परिवारों तक पहुंच बना चुकी यह योजना अब डिजिटल टूल्स के जरिए ज्यादा लोगों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है.