कौन हैं मूर्तिकार Arun Yogiraj? जो तराशेंगे रामलला की मूर्ति, केदारनाथ में भी बनाई थी 12 फुट ऊंची प्रतिमा

कौन हैं मूर्तिकार Arun Yogiraj? जो तराशेंगे रामलला की मूर्ति, केदारनाथ में भी बनाई थी 12 फुट ऊंची प्रतिमा

नई दिल्ली, न्यूज डेस्क: अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) को लेकर देश भर में उत्सव का माहौल है. 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, जिसके लिए तैयारियां जोरो पर हैं. रामलला की मूर्ति अब जल्द ही राम मंदिर में विराजमान होने वाली है. मूर्ति निर्माण का काम कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज (Arun Yogiraj) को दिया गया है. चलिए जानते हैं इस मशहूर मूर्तिकार के बारे में...

'जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं...' प्रह्लाद जोशी

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अयोध्या राम मंदिर के बारे में करोड़ों हिंदुओं को जानकारी देते हुए बताया कि भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन हो गया है. उन्होंने लिखा- 'जहां राम हैं, वहां हनुमान हैं. अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मूर्ति का चयन फाइनल हो गया है. हमारे देश के फेमस मूर्तिकार, हमारे गौरव  योगीराज अरुण जी द्वारा बनाई गई भगवान राम की मूर्ति अयोध्या में स्थापित की जाएगी. यह राम और हनुमान के अटूट रिश्ते का एक और उदाहरण है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि हनुमान की भूमि, कर्नाटक से रामलला के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा है.'

 

कौन हैं अरुण योगीराज? 

कर्नाटक के मैसूर जिले के रहने वाले 37 साल के अरुण योगीराज प्रसिद्ध मूर्तिकार योगीराज शिल्पी के बेटे हैं. अरुण मैसूर महल के कलाकारों के परिवार से आते हैं.
अरुण ने MBA की पढ़ाई की है और वह साल 2008 से पहले एक निजी फर्म में काम करते थे. लेकिन कहते हैं ना जो किस्मत में होता है वो होकर ही रहता है. कहा जाता है कि उनके दादा जी ने  भविष्यवाणी की थी कि अरुण बड़े मूर्तिकार बनेंगे  और ये सच हो गया. 

केदारनाथ में बनाई आदि शंकराचार्य की प्रतिमा 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरुण योगीराज ने केदारनाथ में स्थापित 12 फुट ऊंची आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का भी निर्माण किया था. इसके अलावा अरुण ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 30 फुट ऊंची प्रतिमा भी बनाई, जिसे इंडिया गेट पर स्थापित किया गया. मूर्ति का अनावरण पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने किया था. पीएम मोदी ने अरुण योगीराज की तारीफ भी की थी.