अयोध्या, न्यूज डेस्क: अयोध्या के भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) को लेकर देश भर में उत्सव का माहौल है. 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, जिसके लिए तैयारियां जोरो पर हैं. मंदिर की सजावट से लेकर प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले महमानों को मिलने वाले न्यौते और उपहार की भी चर्चा है. राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित मर्यादा पुरुषोत्तम और माता जानकी की मूर्ति शालिग्राम पत्थर से बनाई गई है. शालिग्राम पत्थर भगवान विष्णु के स्वरूप माने जाते हैं. चलिए जानते हैं अयोध्या के राम मंदिर विशेषताएं.
अयोध्या राम मंदिर की 10 बड़ी विशेषताएं
1. रामलला का मुख्य मंदिर 2.7 एकड़ में बना है. अयोध्या के राम मंदिर की लंबाई 268 फीट, चौड़ाई 140 फीट और ऊंचाई 161 फीट है.
2. राम मंदिर में कुल पांच मंडप होंगे, जिसमें अग्रभाग, सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह है.
3. राम मंदिर में कुल 366 खंभे है. भूतल पर 160, प्रथम तल पर 132 और दूसरे तल पर 74 खंभे. हर एक खंभे पर 16 मूर्तियां बनाई गई हैं.
4. राम मंदिर के भूतल पर गर्भ गृह होगा, जहां रामलला विराजमान होंगे. गर्भ गृह की मूर्ति का निर्माण शालिग्राम पत्थर से होगा.
5. प्रभु राम का गर्भ गृह ऐसा बनाया जा गया ह, कि सूर्य की पहली किरण उन पर पड़ेंगी.
6. राम दरबार में भगवान राम, माता सीता और अपने तीनों भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और परम भक्त हनुमान जी के साथ होंगे.
7. गर्भ गृह के चारों तरफ परिक्रमा पथ बनाया गया है. ये 10 फीट चौड़ा है. मंदिर में रोज 1 लाख भक्त प्रभु राम के दर्शन कर सकते हैं.
8. मंदिर परिसर में भगवान राम के पूरे जीवन को दर्शाती 125 मूर्तियां भी होंगी.
9. मंदिर परिसर में गौशाला, धर्मशाला, वैदिक पाठशाला भी होगी.
10. राम मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए चार द्वार बनाए गए हैं.
-पहला द्वार- राजा दशरथ के महल की ओर
-दूसरा द्वार- क्षीरेश्वर नाथ मंदिर की ओर
-तीसरा द्वार- गोकुल भवन ओर
-चौथा द्वार- टेढ़ी बाजार की ओर होगा.