वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान पर संभावित कार्रवाई के लिए पश्चिमी एशिया में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78) पर नाविकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट रिपोर्ट के मुताबिक इस जहाज पर टॉयलेट बार-बार जाम हो रहे हैं, जिससे सैकड़ों क्रू मेंबर्स को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. इस समस्या की वजह पतले पाइप और बार-बार फेल होने वाला सीवेज सिस्टम बताया गया है, जिससे जहाज पर रहने वाले नौसैनिकों की जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो रही है.
USS फोर्ड अमेरिकी नौसेना का सबसे महंगा और आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसे ताकत और ऑपरेशनल क्षमता दिखाने के लिए डिजाइन किया गया था. लेकिन अपने ही क्रू के लिए बेसिक सुविधाएं पूरी करने में जहाज असफल साबित हो रहा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ नाविकों को टॉयलेट जाने में 45 मिनट या उससे अधिक समय लग जाता है. यह समस्या जनवरी से शुरू हुई थी, जब युद्धपोत को कैरिबियन में तैनात किया गया था.
जहाज की हालिया स्थिति
हाल ही में USS फोर्ड ग्रीस के सौडा बे, क्रीट नेवल बेस पर पोर्ट विजिट के लिए पहुंचा. रिपोर्ट के अनुसार, पोर्ट विजिट के दौरान जहाज में मरम्मत और सप्लाई का काम किया जाएगा, जिससे नाविकों के लिए सुविधाओं में सुधार हो सके. इसके बाद एयरक्राफ्ट कैरियर फिर से पश्चिमी एशिया की ओर बढ़ेगा और इजरायल की मदद में शामिल होगा, जबकि पूर्वी भूमध्य सागर की दिशा में यात्रा करेगा.
THE PLANNED U.S. ATTACK ON IRAN has a hitch: most of the missile-targeting crew are queuing for toilets on the lead vessel, the USS Gerald R Ford.
— Nury Vittachi (@NuryVittachi) February 23, 2026
This is not a joke. A set of emails was obtained by NPR, a US public broadcasting group, revealing that toilet wars have broken out… pic.twitter.com/2rbq7d5CK2
नाविकों में असंतोष और तनाव
USS फोर्ड पर लगभग 5000 क्रू मेंबर्स हैं, जिनमें ज्यादातर युवा नौसैनिक हैं. कई नाविक अपने परिवारों और दोस्तों से महीनों से नहीं मिल पाए हैं. लंबे समय तक समुद्र में रहने और सीमित इंटरनेट व सोशल मीडिया पहुंच की वजह से उनके बीच तनाव और गुस्सा बढ़ गया है. कुछ नाविकों ने नौसेना छोड़ने तक की बात कही है.
रिटायर्ड रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमरी के अनुसार, सामान्य समय में एयरक्राफ्ट कैरियर्स की तैनाती लगभग छह महीने की होती है, लेकिन USS फोर्ड पर क्रू पहले ही आठ महीने से तैनात हैं और यह अवधि 11 महीने तक बढ़ सकती है, जो अमेरिकी नौसेना के इतिहास में सबसे लंबी लगातार तैनाती बन जाएगी.
क्रू के लिए जीवन कठिन
नौसैनिक कई महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, जैसे बच्चों के जन्मदिन, जन्म या अंतिम संस्कार. इसके अलावा जहाज पर संवेदनशील मिशनों के कारण उन्हें सीमित बातचीत की अनुमति है और वे दुनिया से कटे हुए हैं. कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेविड स्कारोसी ने इस स्थिति को स्वीकार किया और कहा कि एक्स्ट्रा एक्सटेंशन के फैसले से क्रू और उनके परिवारों पर भारी असर पड़ा है.
USS फोर्ड पिछले साल जून से लगातार समुद्र में है. इस दौरान अक्टूबर में इसने कई तेल टैंकरों को जब्त किया और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से संबंधित कार्रवाई की. अब यह जहाज इजरायल के समर्थन में पश्चिमी एशिया की ओर बढ़ रहा है.
कुल मिलाकर, USS गेराल्ड फोर्ड के नाविकों के लिए जीवन कठिन और चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. जहाज की तकनीकी समस्याएं, लंबी तैनाती और परिवार से दूरी ने क्रू मेंबर्स के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ा दिया है, जिससे नौसेना की कार्यक्षमता और ऑपरेशनल तैयारी पर भी सवाल उठ रहे हैं.
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