आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के राजामहेंद्रवरम इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसमें मिलावटी दूध पीने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. यह घटना इलाके में हलचल मचा देने वाली थी, और अब सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है.
मिलावटी दूध की वजह से बढ़ी समस्याएं
16 फरवरी से राजामहेंद्रवरम के चौदेश्वरी नगर में मिलावटी दूध पीने से बीमारियों की शुरुआत हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूध में डिटर्जेंट और यूरिया जैसी खतरनाक सामग्री मिलाई गई थी, जिसकी वजह से लोग तेजी से बीमार होने लगे. जब पांच मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया, तो मामला सुर्खियों में आया. इनमें से दो की मौत हो गई थी. इसके बाद लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने लगी और जल्द ही मिलावटी दूध पीने से चार लोगों की जान चली गई.
मृतकों की पहचान और घटनाक्रम
पुलिस ने मृतकों की पहचान की है, जिनमें एन शेषागिरी राव (72), राधाकृष्ण मूर्ति (74), ताड़ी कृष्णावेनी (76) और ताड़ी रमानी (58) शामिल हैं. कृष्णावेनी और रमानी की मृत्यु रविवार को हुई, जबकि शेषागिरी राव और राधाकृष्ण मूर्ति की मौत सोमवार को हुई. सभी मृतक चौदेश्वरी नगर के ही निवासी थे. मृतकों में से अधिकांश को मिलावटी दूध पीने के बाद पेट दर्द, उल्टी और गुर्दे से संबंधित गंभीर बीमारी के लक्षण दिखाई दिए थे.
घायलों का इलाज जारी, 12 लोग अस्पताल में भर्ती
दूध पीने के बाद बीमार हुए करीब 12 लोग अब भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. इनका इलाज जारी है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं. पीड़ितों के परिजनों ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने डेयरी संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों से लिए गए दूध के नमूनों को टेस्ट के लिए हैदराबाद और विशाखापत्तनम की प्रयोगशालाओं में भेजा गया है. टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद, यदि मिलावट पाई जाती है तो डेयरी संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई की तैयारी
मिलावटी दूध से हुई इस दर्दनाक घटना के बाद राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है, और सरकार ने मृतकों के परिवार के साथ खड़ा होने का संकल्प लिया है. इसके अलावा, राज्य प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि ऐसे मामलों में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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