श्रीनगर का बडगाम एयरबेस अब नए और उन्नत सिविल एन्क्लेव का घर बनने जा रहा है, जिससे न सिर्फ यहां के यात्रियों को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि कश्मीर के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी. 2005 में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा पाने वाला यह एयरपोर्ट अब एक बड़े और आधुनिक टर्मिनल की सौगात पाने जा रहा है, जो श्रीनगर की वैश्विक पहचान को और भी मजबूत करेगा.
नया सिविल एन्क्लेव: आधुनिकता और सुविधा का संगम
नया सिविल एन्क्लेव 73.18 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा और इसमें 71,500 स्क्वायर मीटर का अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग शामिल होगा. इस टर्मिनल को इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि यह पीक आवर्स में 2,900 यात्रियों को सर्विस दे सके और इसकी सालाना क्षमता 10 मिलियन पैसेंजर्स प्रति वर्ष (MPPA) होगी. इस नए प्रोजेक्ट में 15 एयरक्राफ्ट पार्किंग बे भी होंगे, जिनमें 9 मौजूदा और 6 प्रस्तावित वाइडबॉडी एयरक्राफ्ट पार्किंग बे शामिल हैं. इसके अलावा, एक मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें 1,000 कारों की पार्किंग की सुविधा होगी.
कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित डिज़ाइन
नया टर्मिनल श्रीनगर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है. इसका आर्किटेक्चर आधुनिक तकनीकों के साथ कश्मीर की पारंपरिक कारीगरी का बेहतरीन मिश्रण होगा. बारीक लकड़ी का काम, स्थानीय कारीगरी और पारंपरिक एलिमेंट्स को शामिल किया जाएगा, जिससे यात्रियों को एक अनोखा अनुभव मिलेगा. इसके अलावा, टर्मिनल में बेहतर पैसेंजर प्रोसेसिंग एरिया, बड़े लाउंज, और अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाएं यात्रियों की सुविधा में इजाफा करेंगी.
सस्टेनेबिलिटी और इको-फ्रेंडली पहल
इस प्रोजेक्ट में सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता दी गई है. टर्मिनल में प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा की खपत कम हो सके. इसके अलावा, एडवांस्ड वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और इको-फ्रेंडली मटेरियल का इस्तेमाल भी किया जाएगा, ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके. इस सिविल एन्क्लेव को 5-स्टार GRIHA रेटिंग प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जो इसे पर्यावरणीय दृष्टि से उत्कृष्ट बनाएगा.
पर्यटन और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण से न केवल एयरपोर्ट की सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि श्रीनगर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुग़ल गार्डन से बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित होगी. इससे यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां तेज़ होंगी. इस प्रोजेक्ट से रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, इन्वेस्टमेंट में वृद्धि होगी, और श्रीनगर की छवि एक प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी.
ये भी पढ़ें: केरल का बदला गया नाम, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी; जानिए अब किस नाम से जाना जाएगा