नई दिल्ली: भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी पिनाका रॉकेट सिस्टम का नया संस्करण विकसित करने का काम शुरू कर दिया है. यह रॉकेट अब केवल जमीन से लॉन्च होने वाले सिस्टम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे वायुसेना के फाइटर जेट से लॉन्च करने योग्य एयर वर्जन में बदलने की तैयारी की जा रही है.
इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायु सेना को ऐसा अत्याधुनिक और सटीक हथियार उपलब्ध कराना है, जो लंबी दूरी तक निशाना साध सके और दुश्मन के एयरोबेस और ठिकानों को प्रभावी ढंग से निशाना बना सके. DRDO की यह कोशिश पूरी तरह से देश की जरूरतों और सुरक्षा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर की जा रही है.
पिनाका का एयर वर्जन: क्या होगा खास
पिनाका रॉकेट का नया एयर वर्जन मौजूदा आर्मी वर्जन के गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर सकता है, लेकिन इसे फाइटर जेट से इस्तेमाल करने के लिए कई तकनीकी बदलावों की जरूरत होगी.
लंबाई और डिजाइन: एयर वर्जन की लंबाई लगभग 4.8 मीटर रखी जाएगी, ताकि इसे फाइटर जेट के ढांचे में फिट किया जा सके और जेट की उड़ान क्षमता पर कोई असर न पड़े.
प्रोपल्शन और तकनीक: प्रोपल्शन सिस्टम में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि रॉकेट लंबी दूरी तक अधिक प्रभावी हो सके.
प्रिसिजन गाइडेंस: रॉकेट में GPS और इंटरनल नेविगेशन डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे मिड-कोर्स में सुधार और लक्ष्य पर सटीक हिट सुनिश्चित किया जा सके.
लंबी दूरी और सुरक्षित ऑपरेशन
पिनाका का एयर वर्जन ट्रक-माउंटेड लैंड बेस्ड वर्जन की तुलना में लंबी दूरी के लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम होगा. इससे पायलट को दुश्मन के इलाके में जाकर खतरा उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे सुरक्षित दूरी से ही लक्ष्य पर हमला कर सकेंगे. यह क्षमता भारतीय वायु सेना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे फाइटर जेट और पायलट दोनों सुरक्षित रहेंगे.
महंगी मिसाइलों के मुकाबले किफायती
पिनाका का एयर वर्जन महंगी क्रूज मिसाइलों और अनगाइडेड रॉकेट सिस्टम के मुकाबले कहीं अधिक किफायती होगा. इसके अलावा, यह दुश्मन के रडार के लिए पहचानना मुश्किल होगा, जिससे यह लॉजिस्टिक ठिकानों, सैनिक बेड़ों और रडार सिस्टम को प्रभावी तरीके से निशाना बना सकेगा.
आत्मनिर्भर भारत को नई ताकत
पिनाका के मौजूदा फ्रेमवर्क पर ही एयर वर्जन तैयार करने से DRDO का समय और लागत दोनों बचेंगे. साथ ही, यह पूरी तरह से भारतीय वायु सेना की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे देश की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और बढ़ेगी.
पिनाका का नाम और महत्व
पिनाका का नाम भगवान शिव के दिव्य धनुष पर रखा गया है. भगवान शिव को बुराई के संहारक के रूप में जाना जाता है, और इसी प्रतीकात्मकता के तहत रॉकेट का नाम रखा गया है. सनातन धर्मग्रंथों जैसे रामायण और शिव पुराण में पिनाक को आध्यात्मिक शक्ति और ब्रह्मांडीय संतुलन बनाए रखने वाले हथियार के रूप में वर्णित किया गया है.
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