महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए Learjet 45 विमान हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने तुरंत कड़ा कदम उठाया है. DGCA ने VSR Ventures Pvt Ltd के चार Learjet 40/45 विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड कर दिया है. यह कदम विमानों की फिटनेस, सुरक्षा और मेंटेनेंस में गड़बड़ी पाए जाने के बाद उठाया गया. अब तक इस हादसे में पांच लोगों की जान जा चुकी है, और मामले की गंभीरता को देखते हुए DGCA ने जांच को तेज कर दिया है.
डीजीसीए का कड़ा कदम
DGCA ने Learjet 40/45 मॉडल के चार विमानों की उड़ानों पर रोक लगा दी है. ये विमान VSR Ventures Pvt Ltd के हैं और इनके रजिस्ट्रेशन नंबर VT-VRA, VT-VRS, VT-VRV और VT-TRI हैं. DGCA ने कहा कि इन विमानों की जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गईं, जिनमें विमानों की फिटनेस और उड़ान के तरीकों में बड़ी गलतियां शामिल थीं. इसके साथ ही विमान के मेंटेनेंस में भी लापरवाही की गई है. डीजीसीए ने इन विमानों को तब तक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी है जब तक ये पूरी तरह से फिट और सुरक्षित नहीं हो जाते. DGCA ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है कि ये खामियां क्यों हुईं.
अजित पवार विमान हादसे का शिकार
28 जनवरी को बारामती में हुआ विमान हादसा महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान में हुआ था. इस हादसे में पायलट सहित पांच लोगों की मौत हो गई. VSR Ventures का यह Learjet विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शाम्भवी पाठक, PSO विदीप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली समेत कुल पांच लोग सवार थे. इस हादसे ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
सीबीआई जांच की मांग, साजिश की आशंका
हादसे को लेकर साजिश की संभावना भी जताई जा रही है. अजीत पवार के परिवार ने इस घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने का अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि DGCA और राज्य CID की जांच के साथ-साथ सीबीआई भी अपनी जांच करेगी, ताकि हादसे के असली कारणों का पता चल सके.
यात्रियों की सुरक्षा: DGCA की प्राथमिकता
DGCA ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और साफ तौर पर कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. यदि किसी विमान में सुरक्षा से संबंधित कोई भी खामी पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारा जाएगा. DGCA ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों में किसी भी तरह की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस हादसे ने विमानन सुरक्षा के मानकों पर फिर से सवाल खड़े किए हैं और इससे जुड़े अधिकारियों के लिए यह चेतावनी है कि सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
डीजीसीए की रिपोर्ट और कंपनी का जवाब
अब DGCA कंपनी से जवाब मांगेगा कि विमानों में पाई गई खामियों के लिए जिम्मेदार कौन है. कंपनी की रिपोर्ट के बाद ही DGCA तय करेगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाए. इस हादसे की जांच के बाद, यदि लापरवाही या जानबूझकर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो कंपनी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है.
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