WhatsApp Ban in Russia: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और यूक्रेन युद्ध के बीच रूस एक बड़ा डिजिटल कदम उठाने की तैयारी में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस सरकार देश में WhatsApp को पूरी तरह ब्लॉक करने पर विचार कर रही है. यह पहली बार नहीं है जब रूस में WhatsApp पर पाबंदी की चर्चा तेज हुई हो. इससे पहले भी कई बार ऐसे संकेत मिले हैं कि विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ाई जा रही है.
WhatsApp का रूस पर बड़ा आरोप
WhatsApp ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि रूस सरकार लोगों को सरकारी निगरानी वाले ऐप्स की तरफ ले जाने के लिए WhatsApp को ब्लॉक करने की कोशिश कर रही है. कंपनी का कहना है कि 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्राइवेट और सुरक्षित बातचीत से दूर करना एक गलत कदम है. इससे लोगों की ऑनलाइन सुरक्षा और आज़ादी पर असर पड़ेगा.
Today the Russian government attempted to fully block WhatsApp in an effort to drive people to a state-owned surveillance app. Trying to isolate over 100 million users from private and secure communication is a backwards step and can only lead to less safety for people in Russia.…
— WhatsApp (@WhatsApp) February 12, 2026
WhatsApp के एक प्रवक्ता ने कहा कि रूस अपनी देशी डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना चाहता है और इंटरनेट पर सरकार का कंट्रोल और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है. कंपनी का दावा है कि वह यूजर्स को आपस में जुड़े रखने के लिए हर संभव कोशिश करती रहेगी.
विदेशी मीडिया और प्लेटफॉर्म पर पहले से सख्ती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने सिर्फ अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया वेबसाइट्स पर भी रोक लगाई है. इनमें बीबीसी, डॉयचे वेले और रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी जैसी वेबसाइट्स शामिल हैं. इसके अलावा, गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउज़र भी रूस में ब्लॉक किया जा चुका है.
राष्ट्रीय DNS सिस्टम हुआ अनिवार्य
रूस में इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों को अब देश के अपने राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल करना जरूरी कर दिया गया है. यह सिस्टम सरकारी एजेंसी रोस्कोमनाडज़ोर की निगरानी में काम करता है. इसका मकसद “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत इंटरनेट पर सरकारी नियंत्रण को मजबूत करना है.
क्यों उठाए जा रहे हैं ऐसे कदम?
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय न्यूज वेबसाइट्स का इस्तेमाल कम से कम करना चाहता है. इससे देश के लोग वैश्विक खबरों और सेवाओं से काफी हद तक कटते जा रहे हैं.
रूस में पहले ही WhatsApp और Telegram के कॉलिंग फीचर पर रोक लग चुकी है. इसके अलावा, दिसंबर में ऐपल के फेसटाइम और स्नैपचैट जैसे ऐप्स को भी देश में ब्लॉक कर दिया गया था.
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