नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग में कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की स्थिति साफ की गई. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से लेकर बांग्लादेश के चुनाव, ब्राजील के राष्ट्रपति के दौरे, भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग और वैश्विक आतंकवाद जैसे विषयों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विस्तार से जानकारी दी. रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी दस्तावेज में किए गए बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ के अनुरूप हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने पारस्परिक तथा परस्पर लाभकारी व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर संयुक्त वक्तव्य जारी किया था. यही संयुक्त वक्तव्य इस पूरी प्रक्रिया का आधार है और दोनों पक्षों की आपसी सहमति को दर्शाता है. प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी फैक्टशीट में जो संशोधन किए गए हैं, वे उसी संयुक्त वक्तव्य में शामिल बिंदुओं और सहमतियों को प्रतिबिंबित करते हैं. उन्होंने दोहराया कि दोनों देश अब इस तय ढांचे को लागू करने और अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में मिलकर काम करेंगे.
बांग्लादेश चुनाव पर MEA का बयान
बांग्लादेश में हो रहे चुनावों पर टिप्पणी करते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि पहले चुनाव के परिणामों का इंतजार करना चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके कि जनता का जनादेश किस प्रकार का आया है, उसके बाद ही संबंधित मुद्दों पर आगे विचार किया जाएगा. रणधीर जायसवाल ने आगे कहा जहां तक चुनाव की प्रक्रिया का सवाल है, हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है. हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और भरोसेमंद चुनाव के पक्ष में हैं. विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को महत्व देता है और दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों के आधार पर स्थिति की निगरानी जारी रखेगा. बांग्लादेश की ओर से भारत को चुनाव पर्यवेक्षक भेजने के निमंत्रण के सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि हमें बांग्लादेश से पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था. हालांकि, अब तक हमने बांग्लादेश के चुनावों की निगरानी के लिए किसी भी पर्यवेक्षक को नहीं भेजा है.
ब्राजील के राष्ट्रपति का भारत दौरा
जायसवाल ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान राष्ट्रपति लूला दिल्ली में आयोजित होने वाले दूसरे एआई समिट (19-20 फरवरी) में भाग लेंगे. यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नीतिगत समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है.
भारत-कनाडा सुरक्षा सहयोग को मिली मजबूती
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल के कनाडा के ओटावा दौरे के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एनएसए ने अपने कनाडाई समकक्ष से मुलाकात की, जो सुरक्षा मामलों में चल रहे सहयोग और समन्वय का हिस्सा है.
रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह दौरा भारत और कनाडा के बीच नियमित सुरक्षा संवाद का हिस्सा है. दोनों देशों ने यह सहमति जताई है कि सुरक्षा मामलों में बेहतर समन्वय और सूचना के प्रवाह को सुगम बनाने के लिए दोनों पक्षों में लियाजन ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे. प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि लियाजन ऑफिसर कब नियुक्त होंगे, इसका अभी कोई तय समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है. उनका कहना था कि इस कदम से दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगी.
दिल्ली लाल किला विस्फोट पर MEA की प्रतिक्रिया
एक मीडिया के जवाब में रणधीर जायसवाल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है. उन्होंने बताया यह रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 को प्रकाशित हुई थी. इसमें भारत की इनपुट को शामिल किया गया है, जिसमें हमारे सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के मुद्दे उठाए गए हैं.
भारत-सेशेल्स संबंध पर भी बोले
रणधीर जायसवाल ने सेशेल्स की भारत यात्रा पर कहा सेशेल्स का यह दौरा ऐसे समय पर हुआ है जब दोनों देश अपने 50 साल के राजनयिक संबंधों का जश्न मना रहे हैं. उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान रक्षा सहयोग सहित सभी पहलुओं पर चर्चा हुई, जैसा कि विदेश सचिव के प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया. अधिक जानकारी के लिए संबंधित दस्तावेज और चर्चाओं का संदर्भ लिया जा सकता है.
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