बॉर्डर पर गरजेंगे फाइटर जेट, वायुसेना करने जा रही बड़ा युद्धाभ्यास, थर-थर कांप रहा पाकिस्तान

ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज पर दुनिया की नजरें टिकने वाली हैं. इस महीने के आखिर में भारतीय वायुसेना यहां अपना सबसे बड़ा फायर-पावर प्रदर्शन करने जा रही है.

IAF Vayu Shakti 2026 77 Jets 43 Helicopters at Pokhran Message to Pakistan
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर राजस्थान के पोखरण फायरिंग रेंज पर दुनिया की नजरें टिकने वाली हैं. इस महीने के आखिर में भारतीय वायुसेना यहां अपना सबसे बड़ा फायर-पावर प्रदर्शन करने जा रही है. 26 फरवरी को जैसलमेर में होने वाले इस बड़े अभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति 2026’ रखा गया है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत दिखाएगा, बल्कि पड़ोसी देशों को भी एक स्पष्ट संदेश देगा.

वायु शक्ति 2026 में दिखेगी जबरदस्त ताकत

इस अभ्यास में कुल 77 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. इनमें राफेल, सुखोई और एलसीए तेजस जैसे आधुनिक फाइटर जेट शामिल होंगे. इनके साथ 43 हेलीकॉप्टर, 8 ट्रांसपोर्ट विमान और कई ड्रोन भी भाग लेंगे. पूरे अभ्यास के दौरान करीब 12 हजार किलो बारूद का इस्तेमाल किया जाएगा. यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता और आधुनिक तकनीक को दिखाने का बड़ा मौका होगा.

ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी होगी शामिल

वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए हमलों को भी सिमुलेशन के जरिए दिखाया जाएगा. इसका मकसद देशवासियों को यह बताना है कि वायुसेना हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. साथ ही, युवाओं को वायुसेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करना भी इस आयोजन का एक बड़ा उद्देश्य है.

पाकिस्तान और चीन को सख्त संदेश

अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर भारत की जमीन पर कोई आतंकी हमला होता है तो उसका जवाब सख्ती से दिया जाएगा. उन्होंने यह भी इशारा किया कि यह अभ्यास चीन और पाकिस्तान के लिए एक संदेश है. हाल के घटनाक्रम में दोनों देशों की गतिविधियों को देखते हुए भारत अपनी तैयारी और ताकत दिखाना चाहता है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी सख्ती

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और कुछ सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की थी. इसके बाद से वायुसेना लगातार बड़े अभ्यास कर रही है. हालांकि, ‘वायु शक्ति 2026’ को अब तक का सबसे बड़ा फायर-पावर डेमो माना जा रहा है. इससे साफ है कि भारतीय वायुसेना हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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