US Iran War: इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत (US-Iran Peace Talks in Pakistan) विफल होने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या जंग का खतरा बढ़ गया है. इसी बीच, डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने स्थिति को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है.
पाकिस्तान में बातचीत विफल होने पर ट्रंप ने गुस्से में आकर ईरान को फिर से पाषाण युग में भेजने की धमकी दी. उन्होंने ईरान को पाषाण युग में भेजने से जुड़े एक आर्टिकल को भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. ट्रंप का रुख इस समय बहुत सख्त दिख रहा है. उन्होंने पहले ही कहा था कि चाहे समझौता हो या नहीं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि "हम पहले ही जीत चुके हैं."
क्या है ईरान को घेरने की योजना?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "टूथ सोशल" पर एक न्यूज आर्टिकल शेयर किया, जिसमें कहा गया कि अगर वार्ता विफल होती है, तो ट्रंप के पास ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी का विकल्प है. यह आर्टिकल वार्ता के नतीजे सामने आने से पहले का था, जिसमें यह बताया गया था कि अगर ईरान इस अंतिम प्रस्ताव को ठुकराता है, तो ट्रंप के पास कई और विकल्प मौजूद हैं. इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने रुख बदला तो उसे "स्टोन एज" यानी पाषाण युग में वापस भेज दिया जाएगा. अमेरिका अब ईरान को वेनेजुएला की तरह आर्थिक रूप से भी घेर सकता है.
'होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण आसान होगा'
लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के लिए अब होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण करना ज्यादा आसान होगा. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में करीब 10 जहाजों की आवाजाही देखी गई, जिनमें एक रूसी टैंकर भी शामिल था. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान अड़ियल रुख अपनाता है, तो अमेरिकी नौसेना अपनी निगरानी बढ़ा सकती है. ऐसे में खर्ग आईलैंड या ओमान के पास के संकरे रास्तों से गुजरने के लिए अमेरिकी नौसेना से अनुमति लेनी पड़ सकती है.
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