नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. खासकर समुद्र में काम करने वाले भारतीय नाविक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. सरकारी जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 भारतीय अब भी लापता हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद इस पूरे इलाके में हालात और खराब हो गए हैं. इसका असर समुद्री व्यापार और कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है. कई जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनमें भारतीय नाविक भी शिकार बने हैं.
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है. बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है. हाल के दिनों में इस इलाके में तनाव बढ़ने और जहाजों पर हमलों के कारण कई देशों की चिंता बढ़ गई है.
अगर इस समुद्री रास्ते पर खतरा बना रहता है तो इसका असर दुनिया के व्यापार और ऊर्जा सप्लाई पर भी पड़ सकता है.
भारत ने सुरक्षित समुद्री रास्ते की मांग की
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर रखे हुए है. उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही पूरी दुनिया के लिए जरूरी है. इससे व्यापार और ऊर्जा सप्लाई दोनों जुड़ी हुई हैं.
दो जहाजों पर हमले में भारतीयों को नुकसान
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में जिन दो कमर्शियल जहाजों पर हमला हुआ, उनमें कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे.
पहले जहाज पर 12 भारतीय थे. इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई.
दूसरे जहाज पर 18 भारतीय मौजूद थे. इनमें 9 लोग घायल हुए, जबकि दो भारतीयों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है.
सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय नाविकों को
विदेश मंत्रालय ने माना कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों में सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय नाविकों को हुआ है. मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और कुल प्रभावित लोगों की पूरी जानकारी बाद में जारी की जाएगी.
भारत ने साफ कहा है कि कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों से जुड़े ढांचे पर हमले तुरंत बंद होने चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही जल्द बहाल की जानी चाहिए.
ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर फिर से नाकेबंदी लागू कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा.
ट्रंप का कहना है कि बढ़ते तनाव के बावजूद इस अहम समुद्री रास्ते को दुनिया के व्यापार के लिए खुला रखा जाएगा.