PoJK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में सरकार और सेना के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शन पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वहां के लोगों का गुस्सा अचानक नहीं फूटा है, बल्कि यह लंबे समय से हो रहे शोषण, अधिकारों की कमी और प्रशासनिक दबाव का नतीजा है.
भारत ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप
विदेश मंत्रालय ने कहा कि लोगों की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के बजाय पाकिस्तान ने सख्ती का रास्ता अपनाया. भारत का आरोप है कि प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया गया. महिलाओं और बच्चों के साथ भी सख्ती की गई, कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और जरूरी सामान जैसे खाना और दवाइयों की सप्लाई भी प्रभावित हुई.
मंत्रालय ने यह भी कहा कि निहत्थे लोगों पर गोलीबारी की गई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई. भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन घटनाओं पर ध्यान देना चाहिए और इन हालात के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना चाहिए.
15 जुलाई को बड़े मार्च का ऐलान
जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर बड़े मार्च का ऐलान किया है. संगठन ने PoJK के लोगों से बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
JAAC का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में हुई हिंसा में कई लोगों की जान गई है. संगठन ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में दो और लोगों की मौत हुई है. इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है.
प्रदर्शन के दौरान चली गोलियां
रविवार, 12 जुलाई 2026 को JAAC की ओर से एक शांतिपूर्ण रैली निकाली गई थी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इस रैली में करीब 40 हजार लोग शामिल हुए थे. JAAC का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने गोलीबारी की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है.
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