India-UK ट्रेड डील लागू, कल से सस्ती होंगी स्कॉच, चॉकलेट और ब्रिटिश कारें, जानें आपको क्या मिलेगा फायदा

India-UK FTA: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ बड़ा व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है. इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच कारोबार करना पहले से आसान और सस्ता हो जाएगा.

India-UK trade deal comes into effect Scotch chocolate and British cars to become cheaper starting tomorrow
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India-UK FTA: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ बड़ा व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है. इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच कारोबार करना पहले से आसान और सस्ता हो जाएगा. इसका फायदा आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों और एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को भी मिलेगा.

सबसे बड़ा असर उन सामानों पर दिखेगा जो ब्रिटेन से भारत आते हैं. आने वाले समय में स्कॉच व्हिस्की, जिन, चॉकलेट, बिस्कुट, कॉस्मेटिक्स और कुछ ब्रिटिश कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो सकती हैं.

क्या है India-UK CETA?

भारत और यूके के बीच कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे. करीब 14 दौर की बातचीत के बाद यह समझौता तैयार हुआ. अब यह 15 जुलाई 2026 से लागू हो रहा है.

इस समझौते में सिर्फ सामान पर लगने वाले टैक्स की बात नहीं है. इसमें डिजिटल कारोबार, फाइनेंस, टेलीकॉम, नई तकनीक और छोटे कारोबार जैसे कई क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है.

आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा?

इस समझौते के बाद ब्रिटेन से आने वाले कई सामान सस्ते हो सकते हैं. इनमें स्कॉच व्हिस्की, जिन, चॉकलेट, बिस्कुट, कॉस्मेटिक्स और कुछ ब्रिटिश कारें शामिल हैं. हालांकि सभी चीजों की कीमत एक साथ नहीं घटेगी. कई सामानों पर टैक्स धीरे-धीरे कम होगा, इसलिए आने वाले सालों में इनके दाम और कम हो सकते हैं.

स्कॉच और कारें कितनी सस्ती होंगी?

अभी भारत में स्कॉच व्हिस्की पर 150 फीसदी तक आयात शुल्क लगता है. समझौते के बाद इसे पहले 75 फीसदी किया जाएगा. फिर अगले 10 साल में यह घटकर 40 फीसदी तक आ जाएगा. ब्रिटिश कारों पर अभी 110 फीसदी तक टैक्स लगता है. तय सीमा के अंदर आने वाली कारों पर यह टैक्स अगले 10 साल में घटकर 10 फीसदी रह जाएगा. यही नियम इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों पर भी लागू होगा.

भारतीय कारोबारियों को क्या मिलेगा?

इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारतीय एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों को होगा. भारत अब अपने करीब 99 फीसदी सामान को यूके में बिना इंपोर्ट टैक्स के भेज सकेगा.

इससे भारतीय कंपनियों के लिए वहां सामान बेचना आसान होगा. टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, सीफूड, लेदर, फुटवियर, स्पोर्ट्स गुड्स, खिलौने, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो पार्ट्स और ऑर्गेनिक केमिकल्स जैसे सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है.

किन चीजों को समझौते से बाहर रखा गया?

सरकार ने किसानों और डेयरी सेक्टर को ध्यान में रखते हुए कुछ सामान इस समझौते में शामिल नहीं किए हैं. इनमें डेयरी प्रोडक्ट्स, सेब, चीनी, चीज, चावल, पोर्क, चिकन और अंडे जैसे कृषि उत्पाद शामिल हैं.

भारत और यूके के बीच कितना कारोबार होता है?

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और यूके के बीच कुल व्यापार 25.13 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ा, लेकिन यूके से आयात बढ़ने की वजह से भारत का व्यापार सरप्लस पहले के मुकाबले कम रहा.

आगे क्या उम्मीद है?

यूके सरकार का अनुमान है कि इस समझौते के बाद 2040 तक भारत और यूके के बीच कुल व्यापार करीब 39 फीसदी बढ़ सकता है. इससे हर साल लगभग 25.5 अरब पाउंड का अतिरिक्त कारोबार होने की उम्मीद है. साथ ही भारत को होने वाला यूके का निर्यात भी करीब 60 फीसदी तक बढ़ सकता है.

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