Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में बुलडोजर एक्शन, पीतमपुरा-शालीमार मेन रोड से हटाई गई अवैध मजार

Delhi Bulldozer Action: पीतमपुरा-शालीमार बाग मार्ग के चौड़ीकरण अभियान के तहत एमसीडी ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मेन रोड पर बने अवैध निर्माणों को हटाया.

delhi-pitampura-road-widening-bulldozer-action-encroachment-removal-drive
AI Generated

Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं को गति देने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है. इसी कड़ी में मंगलवार को नगर निगम (MCD) और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पीतमपुरा इलाके में बुलडोजर कार्रवाई की. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क किनारे बने अवैध निर्माणों को हटाया गया. इस दौरान मुख्य सड़क के बीच स्थित एक मजार को भी हटाया गया, जिसे प्रशासन ने सड़क विस्तार में बाधा बताया.

सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, दिल्ली सरकार ने पीतमपुरा और शालीमार बाग को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग के चौड़ीकरण का निर्णय लिया है. इस परियोजना का उद्देश्य इलाके में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और आवागमन को अधिक सुगम बनाना है. इसी योजना के तहत सड़क के दोनों ओर और बीच में मौजूद अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है.

मुख्य सड़क पर बनी मजार को हटाया गया

मंगलवार को प्रशासनिक टीम बुलडोजर और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. कार्रवाई के दौरान मुख्य सड़क के बीच स्थित एक मजार को हटाया गया. अधिकारियों के अनुसार, यह निर्माण सड़क चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रहा था. पूरी कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.

कई दिनों से जारी है अतिक्रमण हटाने का अभियान

पीतमपुरा-शालीमार बाग मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पिछले कई दिनों से लगातार जारी है. सड़क किनारे बने अवैध ढांचे और अन्य अतिक्रमणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, जिससे परियोजना का काम समय पर पूरा किया जा सके.

ट्रैफिक जाम कम करने पर सरकार का फोकस

दिल्ली सरकार का कहना है कि इस सड़क के चौड़ीकरण से क्षेत्र में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी. सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सड़क विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा किया जा सके.

ये भी पढ़ें- असम में घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई, दो साल में 1,679 अवैध बांग्लादेशी भेजे गए वापस, CM हिमंता का बड़ा खुलासा