ईरान पर अमेरिकी हमला, लेकिन भारत को बड़ा झटका! चाबहार पोर्ट पर करोड़ों का नुकसान

ईरान पर हुए अमेरिकी हमले का असर अब भारत के हितों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट को निशाना बनाया.

US attack on Iran Chabahar Port India suffers losses worth crores
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ईरान पर हुए अमेरिकी हमले का असर अब भारत के हितों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के रणनीतिक रूप से अहम चाबहार पोर्ट को निशाना बनाया. हमले में शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को काफी नुकसान पहुंचा है. यही वह टर्मिनल है, जिसके विकास और संचालन में भारत ने करोड़ों डॉलर का निवेश किया है.

भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?

चाबहार पोर्ट भारत के लिए सिर्फ एक बंदरगाह नहीं, बल्कि मध्य एशिया तक पहुंच का महत्वपूर्ण रास्ता है. इसके जरिए भारत बिना पाकिस्तान के रास्ते का इस्तेमाल किए अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक अपना सामान भेज सकता है.

पहले भारत को इन देशों तक व्यापार के लिए पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन चाबहार पोर्ट बनने के बाद यह जरूरत काफी हद तक खत्म हो गई.

चीन को टक्कर देने में भी अहम भूमिका

चाबहार पोर्ट, अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का भी अहम हिस्सा है. इस मार्ग के जरिए भारत से सामान ईरान, फिर रूस और आगे यूरोप तक कम समय और कम लागत में पहुंचाया जा सकता है.

चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट में बड़ा निवेश किया है, जो चाबहार से करीब 170 किलोमीटर दूर है. ऐसे में चाबहार में भारत की मौजूदगी रणनीतिक और व्यापारिक दोनों नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.

भारत ने किया है बड़ा निवेश

हाल ही में भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट के संचालन को लेकर 10 साल का समझौता हुआ था. भारत ने यहां आधुनिक ढांचा तैयार करने के लिए बड़ी रकम खर्च की है. पोर्ट पर क्रेन, गोदाम और दूसरी जरूरी सुविधाएं विकसित की गई थीं.

हमले में इन ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे भारत के निवेश पर भी असर पड़ा है.

व्यापार पर पड़ सकता है असर

अगर चाबहार पोर्ट लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो भारत से अफगानिस्तान और मध्य एशिया जाने वाला व्यापार भी प्रभावित हो सकता है. इससे निर्यातकों को परेशानी होगी और उस व्यापारिक मार्ग पर भी असर पड़ेगा, जिसे तैयार करने में भारत ने कई साल लगाए हैं.

INSTC परियोजना को भी झटका

चाबहार पोर्ट, भारत के महत्वाकांक्षी INSTC प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है. इस हमले के बाद अगर पोर्ट का संचालन लंबे समय तक बाधित रहता है, तो इस पूरे कॉरिडोर की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. इसका असर भारत के रूस और यूरोप के साथ व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है.

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