फिर हो गई कोरोना की वापसी? आंध्र प्रदेश में कोविड से दो लोगों की मौत, 4 नए संक्रमित मिले, अलर्ट जारी

आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है. कडप्पा जिले में कोविड-19 से दो लोगों की मौत हुई है, जबकि चार नए मरीज संक्रमित पाए गए हैं.

Andhra pradesh kadapa Two deaths due to COVID and four new cases reported
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आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है. कडप्पा जिले में कोविड-19 से दो लोगों की मौत हुई है, जबकि चार नए मरीज संक्रमित पाए गए हैं.

राज्य में कोरोना से आखिरी मौत साल 2022 में हुई थी. इसके करीब चार साल बाद कोविड से मौत का नया मामला सामने आया है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और संक्रमित लोगों पर नजर रखी जा रही है.

कडप्पा में मिले चार संक्रमित मरीजों में से तीन लोग घर पर ही आइसोलेशन में हैं. वहीं, एक मरीज में हल्के लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद उसे कडप्पा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

RT-PCR जांच में हुई संक्रमण की पुष्टि

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी चार मरीजों की कोरोना जांच कडप्पा की वायरोलॉजी लैब में RT-PCR टेस्ट के जरिए हुई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई.

ये सभी मामले कडप्पा के अलग-अलग इलाकों से सामने आए हैं. संक्रमित मरीजों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ली हुई थीं. इनमें से एक मरीज ने बूस्टर डोज भी लगवाई थी.

60 और 43 साल के मरीजों की मौत

कोरोना से हुई दो मौतों में पहला मामला 28 जून का है. 60 साल के एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हुई. पहले उन्हें तिरुपति के एसवीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें सीएमसी वेल्लोर ले जाया गया. जांच में वह कोरोना संक्रमित पाए गए थे.

दूसरे मामले में 43 साल के एक मरीज की कोविड संक्रमण के कारण मौत हुई. वह भी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इलाज करा रहे थे.

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे मरीज

जानकारी के अनुसार, सीएमसी वेल्लोर में जिस मरीज की मौत हुई, उसे मधुमेह, किडनी की बीमारी और दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं. वहीं, दूसरे मृतक मरीज की मेडिकल जानकारी उपलब्ध नहीं है.

एक मरीज ने बताया कि छाती के सीटी स्कैन के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी. इसके बाद संक्रमण रोकने के लिए सैनिटाइजेशन और मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच की गई.

ओमिक्रॉन वेरिएंट की आशंका

डॉक्टरों का मानना है कि मरीजों में दिख रहे लक्षणों के आधार पर संक्रमण ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ा हो सकता है.

मृत मरीजों के सैंपल वेरिएंट की पहचान के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं.

स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.

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