'मैंने 10 रुपए नहीं चुराए...', झूठे आरोप से परेशान होकर छात्रा ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट पढ़ सिहर उठेंगे आप

अर्बन जिले के अनेकल इलाके में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने कथित मानसिक प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर अपनी जान दे दी. परिवार का आरोप है कि स्कूल में लगातार डांट-फटकार, जुर्माना और चोरी के झूठे आरोपों ने बच्ची को इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया.

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स्कूल को बच्चों के सीखने, आगे बढ़ने और सुरक्षित महसूस करने की जगह माना जाता है, लेकिन कर्नाटक के बेंगलुरु से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इस भरोसे को झकझोर दिया है. अर्बन जिले के अनेकल इलाके में पढ़ने वाली 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने कथित मानसिक प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर अपनी जान दे दी. परिवार का आरोप है कि स्कूल में लगातार डांट-फटकार, जुर्माना और चोरी के झूठे आरोपों ने बच्ची को इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया. घटना के बाद मिला सुसाइड नोट अब जांच का अहम आधार बन गया है और पूरे मामले ने स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है.

सुसाइड नोट में बयां हुआ छात्रा का दर्द

जानकारी के अनुसार, अनेकल के मारासुरु सरकारी हाई स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा मधुश्री गुरुवार रात अपने घर के कमरे में फंदे से लटकी मिली. घटना के समय उसकी मां अस्पताल में भर्ती थीं. शुक्रवार सुबह जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें छात्रा ने स्कूल में अपने साथ हुए कथित व्यवहार का विस्तार से उल्लेख किया है.

सुसाइड नोट में छात्रा ने क्या-क्या लिखा?

नोट में लिखा है, 'स्कूल में जो हुआ, उससे मुझे बहुत गहरी चोट पहुंची है. मुझ पर पैसे चुराने का आरोप लगाया गया. 20 रुपये और 10 रुपये के मामले में मुझे दोषी ठहराया गया, जबकि मैंने ऐसा नहीं किया था. सभी टीचर मुझे डांटते हैं. मैं अब और इस अपमान और पीड़ा को सहन नहीं कर सकती थी. मुझे लगता है कि मैं इस दुनिया में जीने के लायक ही नहीं हूं. मां मुझे माफ कर देना.'

छात्रा ने सुसाइट नोट में  लिखा कि उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. उसने अपनी मां, बड़ी बहन, छोटी बहन और छोटे भाई का ख्याल रखने की अपील की और मां से माफी मांगी. साथ ही उसने यह भी लिखा है कि मां और भाई-बहनों ने उसका ख्याल बहुत अच्छे से रखा है, इसलिए  मेरी मां को डांटें या दोष न दें. मुझे माफ कर देना.  

होमवर्क पूरा न करने पर सजा और जुर्माने का आरोप

सुसाइड नोट के मुताबिक, एक शिक्षक ने होमवर्क पूरा न करने पर छात्रा को दंडित किया और उस पर 20 रुपये का जुर्माना लगाया. इतना ही नहीं, उसे ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने की धमकी भी दी गई. छात्रा ने लिखा कि इन घटनाओं के बाद वह लगातार डर और तनाव में रहने लगी थी.

उसके अनुसार, स्कूल में अनुशासन के नाम पर उसे बार-बार अपमानित किया गया, जिससे उसका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट गया. यही मानसिक दबाव धीरे-धीरे उसके लिए असहनीय बनता चला गया.

10 रुपए चोरी करने का लगाया गया झूठा आरोप

छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि उस पर स्कूल में 10 रुपए चोरी करने का झूठा इल्जाम लगाया गया. उसने साफ शब्दों में लिखा कि उसने कोई चोरी नहीं की थी, लेकिन फिर भी उसे दोषी ठहराया गया और सबके सामने शर्मिंदा होना पड़ा. बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद छात्रा बेहद आहत थी. उसे लगने लगा था कि उसकी बात पर कोई विश्वास नहीं कर रहा है. परिवार का कहना है कि इस आरोप ने बच्ची को अंदर तक तोड़ दिया.

परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद छात्रा की मां ने स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने बच्ची की भावनाओं को समझने की बजाय उसे बार-बार अपमानित किया, जिसके कारण उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस ने शुरू की जांच

सूर्यनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और स्कूल के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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