US Attack Iran: अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिन पहले हुए युद्धविराम के बाद हालात सामान्य होते दिख रहे थे, लेकिन अब एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया. इसके कुछ समय बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही.
इन घटनाओं के बाद एक बार फिर यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं दोनों देशों के बीच संघर्ष फिर से न शुरू हो जाए.
अमेरिका ने हमला क्यों किया?
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक कार्गो जहाज पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया था. अमेरिका का कहना है कि चार ड्रोन से हमला किया गया, जिनमें से एक जहाज से टकराया जबकि बाकी तीन ड्रोन को अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने हवा में ही मार गिराया.
अमेरिका का दावा है कि इसी हमले के जवाब में उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों के साथ समुद्री इलाके में मौजूद कुछ रडार साइटों को निशाना बनाया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ जवाबी कदम थी, किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं.
ईरान ने भी किया पलटवार
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाब देने का दावा किया. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
हालांकि, ईरान ने यह नहीं बताया कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया और कितना नुकसान हुआ. ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिकार ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर हमला किया तो ईरान पहले से ज्यादा सख्त जवाब देगा.
जहाज पर हमले को लेकर ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कार्गो जहाज पर हुए ड्रोन हमले को युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े और महंगे जहाज पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता.
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने केवल इतना कहा, "आपको जल्द ही पता चल जाएगा." इसके कुछ घंटे बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले कर दिए.
क्या फिर बढ़ सकता है तनाव?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ताजा सैन्य कार्रवाई सीमित थी और इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच फिर से बड़ा युद्ध शुरू हो गया है. लेकिन हाल की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
कुछ दिन पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे बातचीत करने की योजना बनी थी. लेकिन नए हमलों के बाद उस समझौते का भविष्य भी अब सवालों के घेरे में आ गया है.