Tank Killers Indian Army: युद्ध के मैदान में टैंक हमेशा सबसे ताकतवर हथियारों में गिने जाते हैं. पहले और दूसरे विश्व युद्ध में टैंकों ने कई लड़ाइयों का रुख बदल दिया था. लेकिन समय के साथ युद्ध की तकनीक भी बदल गई है. अब आधुनिक सेनाओं के पास ऐसे हथियार हैं जो कुछ ही सेकंड में भारी-भरकम टैंकों को भी तबाह कर सकते हैं.
भारतीय सेना के पास भी कई आधुनिक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) हैं, जो हर तरह के मौसम और मुश्किल इलाकों में दुश्मन के टैंकों को निशाना बनाने में सक्षम हैं. इन मिसाइलों की वजह से भारतीय सेना की ताकत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है.
वीर अब्दुल हमीद ने दिखाया था टैंकों को रोकने का साहस
साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में वीर अब्दुल हमीद ने अपनी जीप पर लगी गन से कई पाकिस्तानी टैंकों को नष्ट कर दिया था. उनकी बहादुरी और साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया. आज भारतीय सेना के पास उनसे भी कहीं ज्यादा आधुनिक और घातक एंटी-टैंक हथियार मौजूद हैं.
कोंकर्स और मिलान मिसाइल बनीं सेना की मजबूत ताकत
भारतीय सेना कई वर्षों से रूस की कोंकर्स एंटी-टैंक मिसाइल का इस्तेमाल कर रही है. यह एक वायर-गाइडेड मिसाइल है, जिसका निर्माण भारत में भी लाइसेंस के तहत किया जाता है. यह मिसाइल अपनी सटीकता और भरोसेमंद प्रदर्शन के लिए जानी जाती है. सेना की पैदल और मैकेनाइज्ड यूनिट्स इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करती हैं.
इसके अलावा मिलान मिसाइल भी भारतीय सेना के लिए लंबे समय से अहम हथियार रही है. फ्रांस और जर्मनी की तकनीक पर बनी इस मिसाइल का निर्माण भी भारत में किया जाता है. कई दशकों से यह भारतीय इन्फेंट्री की ताकत बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है.
स्पाइक मिसाइल की तकनीक सबसे आधुनिक
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना ने इजरायल की स्पाइक एंटी-टैंक मिसाइल को भी अपने बेड़े में शामिल किया है. यह एक फायर एंड फॉरगेट मिसाइल है. यानी इसे लॉन्च करने के बाद ऑपरेटर को इसे नियंत्रित करने की जरूरत नहीं पड़ती. यह मिसाइल अपने लक्ष्य को खुद पहचानती है और टैंक के सबसे कमजोर हिस्से पर हमला करती है. इसकी आधुनिक तकनीक इसे पुरानी वायर-गाइडेड मिसाइलों से कहीं ज्यादा प्रभावी बनाती है.
टी-90 टैंक की रिफ्लेक्स मिसाइल भी बेहद खतरनाक
भारतीय सेना के टी-90 टैंकों में रिफ्लेक्स मिसाइल भी तैनात है. इस मिसाइल को टैंक की मुख्य गन से ही दागा जा सकता है. यह लंबी दूरी पर मौजूद दुश्मन के टैंकों को सटीक निशाना बनाकर नष्ट करने में सक्षम है.
अपाचे हेलीकॉप्टर की हेलफायर मिसाइल
भारतीय सेना के अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भी एंटी-टैंक ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभाते हैं. इनमें अमेरिका की AGM-114 हेलफायर मिसाइल लगी होती है. यह मिसाइल हवा से दुश्मन के टैंकों, बंकरों और दूसरे सैन्य ठिकानों पर बेहद सटीक हमला कर सकती है. इससे भारतीय सेना को जमीन के साथ-साथ हवा से भी दुश्मन के टैंकों को खत्म करने की ताकत मिलती है.
लगातार मजबूत हो रही है भारत की ताकत
आज भारतीय सेना के पास अलग-अलग तरह की एंटी-टैंक मिसाइलों का मजबूत नेटवर्क मौजूद है. पैदल सैनिक, टैंक और हेलीकॉप्टर सभी दुश्मन के बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाने में सक्षम हैं.
इसके साथ ही भारत अब इन आधुनिक मिसाइलों को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने पर भी तेजी से काम कर रहा है. आने वाले समय में सेना को और ज्यादा आधुनिक और आत्मनिर्भर एंटी-टैंक हथियार मिलने की उम्मीद है, जिससे किसी भी युद्ध की स्थिति में भारत की ताकत और बढ़ेगी.
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