Amazon, Google से लेकर ABB तक... भारत बना दुनिया का नया निवेश हब, कैसे बना कंपनियों की पहली पसंद?

दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भी भारत वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. दुनिया की कई बड़ी कंपनियां भारत में बड़े स्तर पर निवेश की घोषणा कर चुकी हैं.

India has emerged as the worlds new investment hub From Amazon and Google to ABB
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भी भारत वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. दुनिया की कई बड़ी कंपनियां भारत में बड़े स्तर पर निवेश की घोषणा कर चुकी हैं. इससे साफ है कि वैश्विक कंपनियां भारत को भविष्य के सबसे बड़े बाजार और ग्रोथ सेंटर के रूप में देख रही हैं.

भारत में निवेश बढ़ा रहीं दिग्गज कंपनियां

साल 2026 में कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में निवेश बढ़ाने की घोषणा की है. इन निवेशों का फोकस डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर है.

Google

18 फरवरी 2026 को Google ने अगले पांच वर्षों में भारत में 15 अरब डॉलर निवेश करने का ऐलान किया. यह निवेश AI, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विस, सबसी केबल नेटवर्क और डिजिटल स्किलिंग पर किया जाएगा.

ABB

9 मार्च 2026 को स्विट्जरलैंड की इंजीनियरिंग कंपनी ABB ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च को मजबूत करने के लिए 75 मिलियन डॉलर निवेश की घोषणा की.

AirTrunk

5 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया की डेटा सेंटर कंपनी AirTrunk ने 2030 तक भारत में 30 अरब डॉलर निवेश कर 5 GW क्षमता वाले डेटा सेंटर तैयार करने की योजना पेश की.

CPP Investments

17 जून 2026 को कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPP Investments) ने CtrlS Datacenters के साथ मिलकर भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में 7,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने का फैसला किया.

Saint-Gobain

18 जून 2026 को फ्रांस की Saint-Gobain ने अगले पांच वर्षों में भारत में 1 बिलियन यूरो के अतिरिक्त निवेश का ऐलान किया. कंपनी ने भारत को अपने सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल बताया.

Amazon

25 जून 2026 को Amazon के CEO एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद 2030 तक भारत में 48 अरब डॉलर निवेश करने की योजना का ऐलान किया. इसमें AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर 21 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च किए जाएंगे.

भारत क्यों बन रहा है निवेश का बड़ा केंद्र?

पिछले कुछ वर्षों में भारत में विदेशी निवेश लगातार बढ़ा है. 2003 से 2014 के बीच भारत में करीब 29 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया था. वहीं 2014 से 2025 के दौरान यह बढ़कर 70 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया. यह आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की बड़ी कंपनियों का भारत पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

हाल ही में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की सोच भारत की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि भारत आज सिर्फ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल नहीं है, बल्कि एक भरोसेमंद और विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है.

उन्होंने यह भी कहा कि आज लिए जा रहे फैसले आने वाले वर्षों में भारत के विकास की मजबूत नींव तैयार करेंगे. यही वजह है कि दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत में लंबे समय के लिए निवेश कर रही हैं.

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