वॉशिंगटन: ईरान के खिलाफ लंबे समय से चल रही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का असर अब उसके एयरक्राफ्ट कैरियर पर भी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. अमेरिकी नौसेना के कुछ जहाज कई महीनों से समुद्र में तैनात हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें जहाजों के खराब टॉयलेट, गंदे बाथरूम और खाने की समस्या दिखाई गई है.
अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन करीब 260 दिनों से अरब सागर में तैनात बताया जा रहा है. इसी जहाज से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें टॉयलेट की हालत खराब दिखाई दे रही है. वीडियो में एक नौसैनिक स्थिति को बेहद खराब बताते हुए टॉयलेट की समस्या दिखाता नजर आ रहा है.
दूसरे एयरक्राफ्ट कैरियर पर खाने की शिकायत
यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन से जुड़े एक अन्य वीडियो में खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई है. एक नौसैनिक ने दावा किया कि जहाज पर फल और दूसरी ताजा चीजों की कमी हो गई है.
American sailor GIVES the world a LOOK inside US AIRCRAFT CARRIER TOILETS — ‘THIS AIN’T EVEN WORST PART’
— Alex Jones (@RealAlexJones) August 16, 2026
‘They say JOIN THE NAVY, right?’
‘Wait till y'all see toilets, man… y'all EXPECT ME to TAKE A DOO-DOO in this’ pic.twitter.com/CVUDC0rSi3
उसके मुताबिक, सप्लाई जहाज से फल आने में इतना समय लग जाता है कि उनके खराब होने का खतरा रहता है. इसके अलावा एक वीडियो में जहाज के बाथरूम की हालत भी दिखाई गई है. इसमें फर्श गंदा और पाइप पर जंग लगी नजर आ रही है.
इन वीडियो के सामने आने के बाद अमेरिकी नौसेना की कार्यप्रणाली और लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहने वाले सैनिकों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
अमेरिकी नौसेना ने क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने स्थिति पर बात की. उन्होंने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात जवानों की मानसिक स्थिति नौसेना के 11 सक्रिय एयरक्राफ्ट कैरियर में सबसे खराब नहीं है.
हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि जहाज पर हर चीज पूरी तरह ठीक है.
अमेरिकी नौसेना ने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप करीब 260 दिनों से समुद्र में रहने के बावजूद लगातार अपने मिशन पर काम कर रहा है. इस दौरान करीब 10 हजार उड़ानें पूरी की गई हैं.
अब बदला जा रहा है एयरक्राफ्ट कैरियर
अमेरिका अब यूएसएस अब्राहम लिंकन को ईरान के आसपास की तैनाती से हटाने की तैयारी कर रहा है. उसकी जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को खाड़ी की ओर भेजा जा रहा है.
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के लिए एक तरफ ईरान के साथ तनाव बड़ी चुनौती बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर भी उसकी नजर है. लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के कारण अमेरिकी नौसेना के जहाजों और सैनिकों पर बढ़ते दबाव को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
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