ऑपरेशन सिंदूर में Su-30MKI का कमाल, 22 मिनट में तबाह किए 9 ठिकाने, क्यों बेबस दिखी पाकिस्तानी वायुसेना?

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर जाकर बेहद कम समय में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था.

Su-30MKI stellar performance in Operation Sindoor 9 targets destroyed in 22 minutes
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर जाकर बेहद कम समय में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. अब इस मिशन में शामिल Su-30MKI के एक पायलट की बात सामने आई है, जिसमें पाकिस्तानी वायुसेना की प्रतिक्रिया को लेकर अहम जानकारी मिली है.

पायलट के मुताबिक, मिशन के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों के सामने पाकिस्तानी एयर डिफेंस और फाइटर जेट्स का खतरा था. इसके बावजूद भारतीय विमान करीब 22 मिनट के भीतर अपने तय लक्ष्य तक पहुंचे और 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया. इसके बाद भारतीय विमान सुरक्षित वापस लौट आए.

पाकिस्तान लगातार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अपनी सफलता के दावे करता रहा है. लेकिन सामने आई जानकारी के मुताबिक, उस दौरान पाकिस्तानी वायुसेना भारतीय हमले का तुरंत और प्रभावी जवाब देने में सफल नहीं रही. इससे भारतीय विमानों को अपने मिशन को पूरा करने के लिए जरूरी समय मिल गया.

भारतीय हमले का जवाब देने में क्यों हुई देरी?

7 मई को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इस कार्रवाई में भारतीय विमानों को लंबी दूरी तय करनी थी और साथ ही दुश्मन के रडार, एयर डिफेंस और फाइटर जेट्स से बचना था.

ऐसे मिशन में कुछ मिनट भी काफी अहम होते हैं. अगर दुश्मन के लड़ाकू विमान समय पर हवा में पहुंच जाएं तो हमलावर विमानों के लिए खतरा बढ़ जाता है. लेकिन इस ऑपरेशन में भारतीय विमानों को लक्ष्य तक पहुंचने और हथियार दागने के बाद वापस निकलने का पर्याप्त समय मिला.

भारत का कहना था कि शुरुआती कार्रवाई केवल आतंकी ठिकानों के खिलाफ थी. उस समय पाकिस्तानी सेना के ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया था. बाद में पाकिस्तान की ओर से भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश के बाद भारत ने भी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की.

बहावलपुर क्यों था बड़ा लक्ष्य?

ऑपरेशन सिंदूर में बहावलपुर का मिशन इसलिए खास था क्योंकि यह इलाका पाकिस्तान के अंदर काफी दूर स्थित है. यहां जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था.

इस कार्रवाई ने यह भी दिखाया कि भारतीय वायुसेना लंबी दूरी पर मौजूद लक्ष्यों तक पहुंचकर सटीक हमला करने की क्षमता रखती है. Su-30MKI को इसकी रेंज और भारी हथियार ले जाने की क्षमता के कारण इस तरह के मिशन के लिए उपयोगी माना जाता है.

इस पूरे अभियान में सिर्फ लड़ाकू विमान ही नहीं, बल्कि रडार, निगरानी और खुफिया जानकारी का नेटवर्क भी अहम रहा. सही समय पर मिली जानकारी ने भारतीय विमानों को अपने लक्ष्य पहचानने और तेजी से कार्रवाई करने में मदद की.

Su-30MKI की ताकत क्या है?

Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे अहम लड़ाकू विमानों में शामिल है. इसकी खासियत इसकी लंबी दूरी, भारी हथियार ले जाने की क्षमता और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम हैं.

यह विमान ब्रह्मोस जैसी भारी मिसाइल भी ले जा सकता है. इसके अलावा इसमें इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर और जैमिंग सिस्टम मौजूद हैं, जो दुश्मन के रडार और निगरानी व्यवस्था के खिलाफ काम आते हैं.

तेज रफ्तार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता के कारण Su-30MKI ऐसे मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारतीय विमानों ने कम समय में लक्ष्य पर हमला किया और पाकिस्तानी वायुसेना की प्रभावी प्रतिक्रिया आने से पहले इलाके से निकल गए.

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