Vinod Tawde: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी कड़ी में पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय महासचिव बने विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है. तावड़े महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं और संगठन में लंबे समय से अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं.
विनोद तावड़े को चुनावी रणनीति और संगठन के काम का अच्छा अनुभव है. 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान वह एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के चुनाव प्रभारी रहे थे. इसके बाद उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्णन के लिए भी उन्हें इसी तरह की जिम्मेदारी दी गई थी.
2022 से संभाल रहे थे बिहार की जिम्मेदारी
विनोद तावड़े को 2022 में बिहार बीजेपी का प्रभारी बनाया गया था. उनके कार्यकाल में बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन की सरकार बनी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बिहार में एनडीए का प्रदर्शन अच्छा रहा.
2025 में बिहार में एक बार फिर बीजेपी और जेडीयू की सरकार बनी. इस दौरान बीजेपी ने अपनी सीटों की संख्या में भी बढ़ोतरी की. बिहार में संगठन और चुनावी कामकाज को संभालने के अनुभव के कारण तावड़े को पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में माना जाता है.
कई राज्यों में चुनाव की जिम्मेदारी संभाली
विनोद तावड़े कई राज्यों में बीजेपी के चुनावी काम से जुड़े रहे हैं. वह त्रिपुरा और राजस्थान में मुख्यमंत्री के चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक की भूमिका निभा चुके हैं.
2026 केरल विधानसभा चुनाव में भी वह पार्टी के प्रभारी रहे. इस चुनाव में बीजेपी ने राज्य में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. इसके अलावा गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में भी तावड़े पार्टी की चुनावी रणनीति और संगठन के काम से जुड़े रहे हैं.
यूक्रेन में फंसे भारतीयों की वापसी में भूमिका
हरियाणा के प्रभारी रहते हुए तावड़े ने संगठन को मजबूत करने पर काम किया. रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा चलाया था. इस दौरान तावड़े ने भी छात्रों की सुरक्षित वापसी में भूमिका निभाई थी.
15 दिन में जोड़े 5 करोड़ नए सदस्य
विनोद तावड़े बीजेपी के संगठन पर्व 2024 के दौरान राष्ट्रीय सदस्यता अभियान के प्रभारी भी रहे. इस अभियान में पार्टी ने बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया. तावड़े की अगुवाई में सिर्फ 15 दिनों में 5 करोड़ नए सदस्यों को जोड़ने का दावा किया गया था.
अब बीजेपी ने उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी दी है. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में तावड़े की भूमिका काफी अहम रहने वाली है.
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