ड्रोन अटैक का इंतकाम देखेगा यूक्रेन, ट्रंप से हुई फोन पर बात से भी नहीं बदला मन; कांप रहें जेलेंस्की!

Ukraine and Russia Ceasefire: अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक बार फिर हलचल देखने को मिली जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच लगभग 75 मिनट लंबी फोन वार्ता हुई.

Ukraine and Russia Ceasefire trump called putin talk one hour over war
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Ukraine and Russia Ceasefire: अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक बार फिर हलचल देखने को मिली जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच लगभग 75 मिनट लंबी फोन वार्ता हुई. इस वार्ता की जानकारी खुद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर साझा की.

यूक्रेन संघर्ष पर गंभीर बातचीत

ट्रंप ने बताया कि बातचीत के दौरान यूक्रेन और रूस के बीच जारी सैन्य संघर्ष विशेष विषय रहा. खासतौर पर यूक्रेन की ओर से रूसी एयरबेस और क्रीमिया ब्रिज पर हुए हालिया हमलों को लेकर चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि यह बातचीत “अच्छी” रही, लेकिन इससे तत्काल शांति की उम्मीद नहीं की जा सकती. ट्रंप ने आगे कहा कि पुतिन ने साफ किया कि इन हमलों का जवाब देना जरूरी होगा. ऐसे में आने वाले समय में रूस की जवाबी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

ईरान पर भी बनी सहमति

इस बातचीत में केवल यूक्रेन नहीं, बल्कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी अहम मुद्दा रहा. ट्रंप ने जानकारी दी कि उन्होंने पुतिन से स्पष्ट कहा कि ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए — इस पर दोनों नेताओं की राय एक जैसी रही. पुतिन ने सुझाव दिया कि वह ईरान से जुड़े वार्ताओं में सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं और इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करने को तैयार हैं. ट्रंप ने इस बात पर भी चिंता जताई कि ईरान इस अहम मसले पर निर्णय लेने में देरी कर रहा है.

शांति प्रयासों में ट्रंप की सक्रियता

ट्रंप लंबे समय से यूक्रेन में शांति बहाली की कोशिशों में लगे हैं. हालांकि, अमेरिका की तरफ से यह आरोप भी समय-समय पर लगता रहा है कि पुतिन वास्तविक संघर्षविराम के लिए गंभीर नहीं हैं. वर्तमान हालात में रूस की ओर से दिए जा रहे बयान और यूक्रेन द्वारा किए गए हमले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि तनाव अभी और बढ़ सकता है. हाल ही में यूक्रेन द्वारा 41 रूसी बॉम्बर्स को नष्ट किए जाने और क्रीमिया ब्रिज पर हमले के बाद, रूस की प्रतिक्रिया और भी सख्त हो सकती है.

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