वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान में जारी व्यापक जनआंदोलन के बीच अमेरिका से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं. अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रखते हैं, तो इसके गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं.
लिंडसे ग्राहम ने एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान ईरान के शीर्ष नेतृत्व को सीधे संदेश देते हुए कहा कि आम नागरिक बेहतर जीवन की मांग कर रहे हैं और यदि उन्हें बलपूर्वक कुचला गया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा. उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बेहद कठोर कदम उठाने का फैसला कर सकते हैं.
महंगाई और मुद्रा संकट से भड़का जनआक्रोश
ईरान में बीते एक सप्ताह से अधिक समय से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और राष्ट्रीय मुद्रा की गिरती कीमत ने आम जनता के गुस्से को और भड़का दिया है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि ये प्रदर्शन अब केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहकर ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं.
सरकारी सख्ती के चलते हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 35 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. कई स्थानों पर सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है.
अमेरिकी सीनेटर का खुला बयान
सीनेटर ग्राहम ने अपने बयान में कहा कि ईरानी नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने से हालात और बिगड़ेंगे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि निर्दोष लोगों की हत्या जारी रही, तो अमेरिका कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो सकता है. उनके बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए जाने से इस चेतावनी को और अधिक गंभीर माना जा रहा है.
ग्राहम ने यह भी कहा कि तेहरान को अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय रहते दमन की नीति छोड़नी चाहिए.
वेनेजुएला का उदाहरण देकर चेताया
अपने बयान में अमेरिकी सीनेटर ने वेनेजुएला का उदाहरण भी पेश किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी ऐसे मामलों में प्रतिक्रिया दे चुका है और निकोलस मादुरो के खिलाफ उठाए गए कदम इसका प्रमाण हैं. ग्राहम के मुताबिक, हिंसक दमन अंततः अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप को आमंत्रण देता है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका नागरिकों के खिलाफ हिंसा को स्वीकार नहीं करेगा और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर प्रतिक्रिया देना उसकी जिम्मेदारी है.
सड़कों पर गूंजे सत्ता विरोधी नारे
ईरान के कई हिस्सों से सामने आए वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में बड़े पैमाने पर भीड़ सड़कों पर मार्च करती दिखाई दे रही है. पश्चिमी ईरान के अब्दानन शहर में वायरल हो रहे वीडियो में प्रदर्शनकारी खुलेआम सरकार और सर्वोच्च नेता के खिलाफ नारे लगाते नजर आए. खामेनेई के खिलाफ नारेबाज़ी को ईरान जैसे देश में बेहद असामान्य और चौंकाने वाला माना जा रहा है.
कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स का यह भी दावा है कि कई स्थानों पर पुलिस और सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े दिखाई दिए, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
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