नई दिल्ली: अमेरिकी धुर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक लौरा लूमर ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए अपने कुछ पुराने भारत विरोधी इंटरनेट मीडिया पोस्ट के लिए माफी मांगी है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के साथ संबंध मजबूत करने से बचना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यात इस्लामी आतंकवाद है और वह दुनिया भर में चरमपंथी नेटवर्क का समर्थन करता है.
पाकिस्तान की आलोचना
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए लूमर ने कहा, ''पाकिस्तान का दुनिया को सबसे बड़ा निर्यात 'इस्लामी आतंकवाद' है. मेरा मानना है कि अमेरिका को पाकिस्तानी सरकार के साथ बिल्कुल भी करीबी नहीं बढ़ानी चाहिए.''
उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ''खुले तौर पर जिहादी और शरिया समर्थक राष्ट्र'' के रूप में काम करता है और दुनिया की अधिकांश आतंकी घटनाओं के तार किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से जुड़े होते हैं. लूमर ने हाल ही में अमेरिका में पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट का भी हवाला दिया, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं स्पष्ट करती हैं कि आतंकवाद का मुख्य स्त्रोत पाकिस्तान ही है. कार्यक्रम के दौरान लूमर ने अपने उन पुराने इंटरनेट मीडिया पोस्ट्स के लिए माफी मांगी, जिनमें उन्होंने भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.
भारत विरोधी टिप्पणियों के लिए माफी
उन्होंने स्वीकार किया, ''मुझे वे बातें नहीं कहनी चाहिए थीं जो मैंने अपने पुराने ट्वीट्स में लिखी थीं.'' हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह एच-1बी वीजा कार्यक्रम के विरोध पर कायम हैं. उन्होंने कहा कि उनका काम अमेरिकी हितों की रक्षा करना है और वह अमेरिकी श्रमिकों के रोजगार के लिए लड़ना जारी रखेंगी क्योंकि वर्तमान आव्रजन कानूनों का दुरुपयोग हो रहा है.
विवाद और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि कार्यक्रम में भाग लेने के लिए लूमर ने जैसे ही अपने भारत आगमन के बारे में पोस्ट किया, विवाद शुरू हो गया. उनकी पुरानी टिप्पणियां फिर से सामने आ गईं और देखते ही देखते बहु-प्रसारित हो गईं, जिससे उनकी व्यापक आलोचना होने लगी. इंटरनेट मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके पुराने पोस्ट साझा किए, जिनमें भारतीयों के बारे में भद्दी रूढि़वादिता और अपमानजनक टिप्पणियां शामिल थीं. इनमें स्वच्छता और बुद्धिमत्ता को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई थीं.
लूमर का स्पष्टीकरण
बहरहाल, अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए लूमर ने कहा कि वह भारत या हिंदुओं के प्रति कोई शत्रुता नहीं रखती हैं. उन्होंने कहा, ''मेरे मन में भारत या हिंदू लोगों के लिए कोई नफरत नहीं है. मेरी बातें नफरत से प्रेरित नहीं हैं, मेरी टिप्पणियां अपने लोगों और अपने देश के प्रति प्रेम से प्रेरित हैं.''
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