Sonam Wangchuk: लद्दाख में हुई हिंसा के मामले में हिरासत में लिए गए सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को केंद्र सरकार ने रिहा करने का फैसला किया है. सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई को भी तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिया है.
सरकारी बयान के अनुसार यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत करने और सभी पक्षों के साथ रचनात्मक बातचीत आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है. गृह मंत्रालय का कहना है कि क्षेत्र में विश्वास और संवाद का माहौल बनाना इस समय जरूरी है.
लद्दाख हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल कुछ महीने पहले लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं. आरोप था कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी. इसी मामले में प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोनम वांगचुक को हिरासत में लिया था.
जांच एजेंसियों का कहना था कि कुछ जगहों पर भीड़ उग्र हो गई थी और तनाव बढ़ गया था. इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था.
सरकार का क्या कहना है
सरकार ने कहा है कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद गृह मंत्रालय ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का फैसला किया.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी और जरूरत पड़ने पर जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे.
कौन हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. वे लंबे समय से शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर काम करते रहे हैं.
उनका नाम उस समय भी चर्चा में आया था जब फिल्म 3 Idiots में फुनसुक वांगडू का किरदार उनसे प्रेरित बताया गया था.
पिछले कुछ समय से वे लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं और कई आंदोलनों में शामिल हुए हैं.
ये भी पढ़ें- ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से तोड़ दी US एयरफोर्स की कमर! अमेरिका को जंग में अब तक कितना हुआ नुकसान?