कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में 18,680 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इस दौरान, उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार राज्य के नवनिर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. पीएम ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को घुसपैठियों और महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरते हुए राज्य के विकास के प्रति अपनी सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया. उनके इस दौरे में प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनसे राज्य के बुनियादी ढांचे में अहम सुधार होंगे.
खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारा
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में खड़गपुर और मोरग्राम के बीच 231 किलोमीटर लंबा चार लेन वाला आर्थिक गलियारा बनाने की आधारशिला रखी. यह परियोजना इन दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को सात से आठ घंटे कम कर देगी और दूरी में लगभग 120 किलोमीटर की कमी आएगी. अधिकारियों के मुताबिक, यह गलियारा पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से होकर गुजरेगा, जिसमें मेदिनीपुर, बांकुड़ा, हुगली, बीरभूम और मुर्शिदाबाद शामिल हैं. इस परियोजना का महत्व इस लिहाज से भी है कि यह राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12) को आपस में जोड़कर क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगा और यात्रा की सुगमता को बढ़ावा देगा.
सड़क सुरक्षा और अवसंरचना में सुधार
प्रधानमंत्री ने एनएच-14 पर 5.6 किलोमीटर लंबा दुबराजपुर बाईपास और कांगशाबती और शिलाबती नदियों पर चार लेन वाले पुलों का शिलान्यास भी किया. इसके साथ ही, पीएम ने एनएच-19 और एनएच-114 के कुछ हिस्सों का उद्घाटन किया, जिनसे सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी और यात्रा के समय में भी कमी आएगी. इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य यातायात की भीड़ को कम करना, प्रदूषण घटाना और पर्यटन तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है. यह राज्य के लिए एक नया आर्थिक और अवसंरचनात्मक बदलाव ला सकता है.
कार्गो हैंडलिंग की क्षमता में वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने हल्दिया पोर्ट में "बर्थ 2" के मशीनीकरण का उद्घाटन किया, जिससे कार्गो हैंडलिंग की प्रक्रिया और भी तेज, कुशल और पर्यावरण-अनुकूल हो सकेगी. इसके अलावा, उन्होंने हल्दिया में "बर्थ 5" के मशीनीकरण और कोलकाता में "बैस्क्यूल ब्रिज" के नवीनीकरण की परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी. इन परियोजनाओं से हल्दिया और कोलकाता के बंदरगाहों की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे व्यापार और परिवहन को नया आयाम मिलेगा.
पुनर्विकसित स्टेशन और नई परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने राज्य में छह रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का उद्घाटन किया, जो अमृत स्टेशन योजना के तहत किए गए हैं. इन स्टेशनों में कामाख्यागुड़ी, अनारा, तामलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी शामिल हैं. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने बेल्डा से दंतान के बीच तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली को राष्ट्र को समर्पित किया. इन योजनाओं से राज्य के रेलवे नेटवर्क की क्षमता में वृद्धि होगी और यात्रा की सुरक्षा और सुविधा में सुधार होगा.
राज्य में चुनाव की आहट और पीएम की रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मोदी ने अपनी भाषण में राज्य की जनता से विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा चुनावों के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है. उनके द्वारा उद्घाटित की गई परियोजनाएँ न केवल पश्चिम बंगाल के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाएंगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी योगदान देंगी.
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