वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित आक्रामक और नाटकीय अंदाज़ में आलोचकों को जवाब दिया है. हाल के दिनों में उन पर लगे आरोपों और बढ़ते विवादों के बीच ट्रंप ने खुद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया—इस बार एक फिल्मी पोस्टर जैसे सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए.
22 जुलाई को ट्रंप की टीम ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक ग्राफिक पोस्ट साझा किया, जिसमें ट्रंप एक सख्त और गंभीर लुक में नज़र आ रहे हैं. पोस्ट में लिखा गया था: "मैं शिकार था, अब मैं शिकारी हूं", और नीचे टैगलाइन थी: "वे गलत इंसान के पीछे पड़े थे". राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट सीधे तौर पर डेमोक्रेट नेताओं और आलोचकों को संदेश देने के मकसद से किया गया है.
They came after the wrong man. pic.twitter.com/hgKfdvAVQS
— The White House (@WhiteHouse) July 22, 2025
आलोचना के बीच एक ‘राजनीतिक अवतार’
हाल के सप्ताहों में ट्रंप को कई विवादों और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिनमें जेफरी एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी खबरें और पुराने राजनीतिक आरोप प्रमुख हैं. लेकिन ट्रंप इन सबका सामना अपने ही अंदाज़ में कर रहे हैं—न सिर्फ बयान देकर, बल्कि सोशल मीडिया पर एक दमदार छवि प्रस्तुत कर.
ओबामा पर तीखा हमला
ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती, राष्ट्रपति बराक ओबामा को भी निशाने पर लिया है. हाल ही में एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने जोर-शोर से उठाया. इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि ओबामा प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने ट्रंप के खिलाफ खुफिया जानकारी को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया.
डीपफेक वीडियो से बढ़ी बहस
21 जुलाई को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक एआई-जनित वीडियो साझा किया, जिसमें ओबामा को एफबीआई एजेंट्स द्वारा गिरफ्तार किया जाता दिखाया गया. यह वीडियो पूरी तरह काल्पनिक था, लेकिन इसमें ट्रंप को एक विजयी मुद्रा में दिखाया गया. वीडियो के अंत में ओबामा को जेल की वर्दी में सलाखों के पीछे दिखाया गया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके साथ #EpsteinCoverUp जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे.
हालांकि यह वीडियो एक ‘डीपफेक’ था, लेकिन इसने अमेरिका में एआई और राजनीति के गठजोड़ को लेकर बहस छेड़ दी है. कई विशेषज्ञों ने इसे भ्रामक बताया है, जबकि ट्रंप समर्थकों ने इसे ‘राजनीतिक प्रतीक’ के तौर पर देखा.
क्या है ट्रंप की रणनीति?
ट्रंप जिस तरह से आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, वह उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. अपने समर्थकों के बीच खुद को एक ‘पीड़ित योद्धा’ के रूप में पेश करते हुए वे अपनी राजनीतिक वापसी को मजबूत करना चाहते हैं. इस तरह के सोशल मीडिया अभियानों के जरिए वे खुद को एक बार फिर फ्रंटलाइन पर लाने की कोशिश कर रहे हैं.
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