अब मेक्सिको की जमीन पर होगा ऑपरेशन! सेना उतराने की तैयारी में ट्रंप, CIA भी होगी शामिल, जानें प्लान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़े अभियान की योजना बना रहे हैं, जिसमें मेक्सिको में अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों की संभावित तैनाती शामिल हो सकती है.

Trump preparing to Send troops in Mexico Drone Strikes
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़े अभियान की योजना बना रहे हैं, जिसमें मेक्सिको में अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों की संभावित तैनाती शामिल हो सकती है. यह जानकारी अमेरिकी न्यूज चैनल NBC न्यूज ने दो मौजूदा और दो रिटायर्ड अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी है.

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने मेक्सिको में ड्रग कार्टेल्स को निशाना बनाने के लिए एक गुप्त ऑपरेशन की योजना बनाई है. इस मिशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) और ज्वाइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) की टीमें भी शामिल हो सकती हैं. योजना के अनुसार, ऑपरेशन में ड्रग लैब्स और कार्टेल सरगनाओं को निशाना बनाने के लिए ड्रोन स्ट्राइक का भी इस्तेमाल किया जाएगा.

योजना और तैयारी

NBC न्यूज के सूत्रों के अनुसार, इस संभावित मिशन की प्रारंभिक ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है. मिशन के तहत हवाई हमलों के अलावा जमीन पर ऑपरेशन की भी संभावना जताई जा रही है. हालांकि, अभी अमेरिकी सेना भेजने का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन स्ट्राइक के लिए कुछ ड्रोन ऐसे हैं जिनके संचालन के लिए जमीन पर भी ऑपरेटर्स की जरूरत होती है. इसका मतलब है कि यदि ऑपरेशन को अंतिम मंजूरी मिलती है तो यह मेक्सिको में अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों की पहली संभावित तैनाती होगी.

अमेरिकी कानून और ऐतिहासिक संदर्भ

इतिहास में अमेरिका ने मेक्सिको में केवल कुछ ही बार सेना तैनात की है. सबसे उल्लेखनीय कार्रवाई 1916 में जनरल जॉन पर्शिंग द्वारा की गई थी, जब उन्होंने मैक्सिकन क्रांतिकारी पैनचो विला का पीछा करने के लिए सेना भेजी थी. उसके बाद से अमेरिका सीधे सैन्य हस्तक्षेप से बचता रहा है.

कानूनी तौर पर, अमेरिकी सेना मेक्सिको में केवल मेक्सिको सरकार की अनुमति के साथ ही कार्य कर सकती है. मेक्सिको हमेशा से किसी भी विदेशी सैन्य दखल का विरोध करता आया है. इसलिए, यदि यह ऑपरेशन होता है तो यह लगभग 100 साल बाद मेक्सिको में अमेरिकी सेना की पहली तैनाती होगी.

ड्रग तस्करी की समस्या

मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का केंद्र माना जाता है. यहाँ से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसी खतरनाक दवाएं अमेरिका तक पहुंचती हैं. अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिका में ड्रग की सबसे बड़ी आपूर्ति मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है.

अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है. हर साल लाखों लोग नशे की लत का शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं. अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं, और इसी कारण उसकी निगाह मेक्सिको के शक्तिशाली कार्टेल्स पर रहती है.

कार्टेल्स की ताकत और हिंसा

मेक्सिको में कार्टेल्स इतने शक्तिशाली हो चुके हैं कि कई इलाकों में वे स्थानीय प्रशासन और पुलिस को चुनौती देते हैं. हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते कई बार स्थानीय अधिकारी उन्हें रोकने में असफल रहे हैं. कई कार्टेल्स खुद को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं, और कानून को दरकिनार करते हैं.

फरवरी 2023 में अमेरिकी विदेश विभाग ने छह मेक्सिकन कार्टेल्स, MS-13 गैंग और वेनेज़ुएला के 'ट्रेन डे अरागुआ' को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया. इससे अमेरिकी सेना और CIA को गुप्त ऑपरेशन करने की कानूनी छूट मिल जाती है. ट्रम्प प्रशासन पहले भी कह चुका है कि जरूरत पड़ने पर वे CIA को कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई की मंजूरी देंगे.

ये भी पढ़ें- क्या हाइड्रोजन बम टेस्ट करेगा भारत? ट्रंप के दावे के बाद मौका! होता है परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक