ट्रंप ने भारत को 'गाजा बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का दिया न्योता, जानें क्या हैं इसके मायने

Gaza Board of Peace: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाजा के लिए गठित किए गए अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता भेजा है.

Trump invites India to join Gaza Board of Peace know what is its meaning
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Gaza Board of Peace: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाजा के लिए गठित किए गए अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता भेजा है. इस बोर्ड का मकसद गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, युद्ध से तबाह हुए इलाकों का पुनर्निर्माण करना और एक नई प्रशासनिक व्यवस्था को आगे बढ़ाना है. यह संगठन 15 जनवरी को ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली शांति योजना के दूसरे चरण के तहत घोषित किया गया था.

बोर्ड ऑफ पीस का मुख्य उद्देश्य गाजा को पूरी तरह हथियारों से मुक्त करना है. इसके साथ-साथ वहां मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति, नष्ट हो चुके बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और एक तकनीकी फिलिस्तीनी प्रशासन की स्थापना भी इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.

इस प्रशासन की निगरानी NCAG (नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा) करेगी, जिसकी अगुआई पूर्व फिलिस्तीनी अधिकारी अली शाथ कर रहे हैं. इस व्यवस्था के जरिए गाजा में स्थिरता और शासन की नई संरचना विकसित करने की योजना है.

ट्रंप बोले. यह अब तक का सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड

डोनाल्ड ट्रंप ने इस पहल को लेकर दावा किया कि यह अब तक का सबसे महान और प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बोर्ड है. बोर्ड की फाउंडर एग्जीक्यूटिव कमेटी में कई प्रभावशाली वैश्विक नाम शामिल किए गए हैं.

इस कमेटी में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, अरबपति कारोबारी मार्क रोवन और सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल जैसे नाम शामिल हैं.

आने वाले दिनों में और नाम होंगे घोषित

अमेरिकी दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 16 जनवरी को जानकारी दी थी कि ट्रंप प्रशासन ने NCAG के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी है. उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले हफ्तों में एग्जीक्यूटिव बोर्ड और गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड के अन्य सदस्यों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे.

संयुक्त राष्ट्र में मिडिल ईस्ट के पूर्व दूत निकोलाय म्लादेनोव को गाजा के लिए हाई रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया गया है. इसके अलावा एक अलग गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड भी बनाया गया है, जिसमें तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान, संयुक्त अरब अमीरात की मंत्री रीम अल-हाशिमी, कतर के राजनयिक अली अल-थावादी और अन्य क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल हैं. यह संरचना अमेरिकी नेतृत्व के साथ-साथ अरब देशों की भागीदारी को भी दर्शाती है.

किन वैश्विक नेताओं को मिला न्योता

गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए ट्रंप ने दुनिया के कई प्रमुख नेताओं को आमंत्रण भेजा है. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई ने इस न्योते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए इसे सम्मान की बात बताया है.

इसके अलावा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी को भी आमंत्रण भेजा गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता मिला है.

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