एक ही साइड के कंधे को ट्रेन कर रहा शख्स, टेढ़ी-मेढ़ी हो गई बॉडी; देखें VIRAL

सोशल मीडिया के दौर में जहां ज्यादातर लोग परफेक्ट बॉडी और सिमेट्रिकल लुक पाने की कोशिश में लगे रहते हैं, वहीं एक शख्स ने फिटनेस की दुनिया में बिल्कुल उल्टा प्रयोग करके सबको चौंका दिया है.

Man Training his one sided muscle posting video on social media sparks debate
Image Source: Social Media

सोशल मीडिया के दौर में जहां ज्यादातर लोग परफेक्ट बॉडी और सिमेट्रिकल लुक पाने की कोशिश में लगे रहते हैं, वहीं एक शख्स ने फिटनेस की दुनिया में बिल्कुल उल्टा प्रयोग करके सबको चौंका दिया है. पिछले 300 से ज्यादा दिनों से यह व्यक्ति, जो खुद को “द क्रूक्ड मैन” कहता है, जानबूझकर अपने शरीर को असंतुलित बना रहा है. उसने अपने पूरे शरीर की ट्रेनिंग छोड़कर सिर्फ एक तरफ की ट्रैपेज़ियस मसल पर फोकस किया और नतीजा ऐसा निकला जिसे देखकर फिटनेस एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं.


द क्रूक्ड मैन ने करीब एक साल तक रोजाना सिर्फ एक कंधे और ऊपरी पीठ की ट्रैपेज़ियस मसल की एक्सरसाइज की. शरीर के बाकी हिस्सों को उसने लगभग नजरअंदाज कर दिया. इस अजीब प्रयोग का असर अब साफ दिखाई देता है. एक कंधा और पीठ का ऊपरी हिस्सा असामान्य रूप से बड़ा और उभरा हुआ है, जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा लगभग पहले जैसा ही दिखता है. खास बात यह है कि यह बदलाव किसी गलती से नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया है.

सोशल मीडिया ट्रेंड के खिलाफ ‘बगावत’

द क्रूक्ड मैन अपने इस एक्सपेरिमेंट को सोशल मीडिया, खासकर TikTok पर लगातार शेयर करता रहा है. उसका कहना है कि यह प्रयोग “लुक्समैक्सिंग” ट्रेंड के खिलाफ एक तरह का विरोध है. लुक्समैक्सिंग में लोग खुद को ज्यादा आकर्षक बनाने के टिप्स फॉलो करते हैं, जबकि वह इसके बिल्कुल उलट सोचता है. वह इसे “लुक्स मिनिमाइजिंग” कहता है. एक वीडियो में उसने बताया कि सोशल मीडिया स्क्रॉल करते वक्त उसे बार-बार ऐसे वीडियो दिख रहे थे, जिनमें कहा जा रहा था कि कैसे ज्यादा हैंडसम बनें, कैसे ज्यादा अट्रैक्टिव दिखें. तभी उसके दिमाग में विचार आया कि अगर लोग खूबसूरती बढ़ाने की चिंता कर रहे हैं, तो क्यों न जानबूझकर उसे घटाया जाए.

जानबूझकर असंतुलन बनाने की सोच

उसकी रणनीति बेहद सीधी थी—शरीर को असिमेट्रिकल बनाना. उसने तय किया कि सिर्फ एक तरफ की ट्रैपेज़ियस मसल को ट्रेन करेगा. उसके मुताबिक यही “लुक्स मिनिमाइजिंग” का सबसे आसान तरीका था. समय के साथ उसका यह प्रयोग सफल भी हो गया. एक साल पहले की तस्वीरों में उसका शरीर पूरी तरह संतुलित नजर आता है, लेकिन अब उसका ऊपरी शरीर एक तरफ से कहीं ज्यादा उभरा हुआ दिखता है. यह बदलाव दिखाता है कि अगर किसी एक मसल को लगातार टार्गेट किया जाए, तो वह कितनी तेजी से बढ़ सकती है.

डाइट में क्या शामिल है?

मसल ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए द क्रूक्ड मैन ने अपनी डाइट भी हाई-प्रोटीन रखी. वह रोजाना सार्डिन मछली, बकरी का दही, प्रोटीन पाउडर, ग्राउंड बीफ और अंडे खाता है. उसका मानना है कि ज्यादा प्रोटीन लेने से जिस मसल को ट्रेन किया जा रहा है, उसकी ग्रोथ और तेजी से होती है.

एक्सपर्ट्स की कड़ी चेतावनी

हालांकि यह एक्सपेरिमेंट देखने में दिलचस्प लग सकता है, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स इसे खतरनाक मानते हैं. डॉक्टर सुहैल हुसैन के अनुसार, एकतरफा ट्रेनिंग से शरीर में गंभीर मस्कुलोस्केलेटल असंतुलन पैदा हो सकता है. उनका कहना है कि शुरुआत में भले ही कुछ फायदे नजर आएं, लेकिन लंबे समय में रीढ़ की हड्डी पर दबाव, जोड़ों में दर्द, आसपास की मसल्स में चोट और क्रॉनिक पेन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शरीर प्राकृतिक रूप से संतुलन के लिए बना है और इसे इस तरह बिगाड़ना भविष्य में बड़ी ऑर्थोपेडिक परेशानियों को जन्म दे सकता है.

ताकत बढ़ेगी, लेकिन फायदा नहीं

डॉक्टरों का मानना है कि किसी एक मसल को ज्यादा ट्रेन करने से उसकी ताकत और साइज जरूर बढ़ सकता है, लेकिन इसका कोई खास फंक्शनल लाभ नहीं होता. ट्रैपेज़ियस मसल का असली काम शरीर को सपोर्ट और स्टेबिलिटी देना होता है, न कि सिर्फ दिखने में बड़ी होना. सिर्फ साइज बढ़ाने से न तो परफॉर्मेंस सुधरती है और न ही यह सेहत के लिए फायदेमंद है.

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