इस ट्रेन का टिकट किया कैसिंल तो नहीं मिलेगा रिफंड! जानें रेलवे का ये नियम, RAC की सुविधा भी खत्म

Vande Bharat Sleeper Refund Rules: वंदे भारत एक्सप्रेस की जबरदस्त सफलता के बाद अब भारत को पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन की सौगात मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावड़ा से कामाख्या (गुवाहाटी) तक चलने वाली इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई.

Vande Bharat Sleeper ticket is canceled then you will not get refund Railways RAC facility ended
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Vande Bharat Sleeper Refund Rules: वंदे भारत एक्सप्रेस की जबरदस्त सफलता के बाद अब भारत को पहली ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन की सौगात मिल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावड़ा से कामाख्या (गुवाहाटी) तक चलने वाली इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. इस ट्रेन को विशेष रूप से लंबी दूरी के रात्री सफर को आरामदायक और तेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को हवाई जहाज जैसी सुविधा और अनुभव प्रदान करना है, लेकिन इसके लिए यात्रियों को टिकट बुकिंग और सफर की प्लानिंग में ज्यादा सतर्क रहना होगा.

रेलवे ने इस प्रीमियम ट्रेन के लिए रिफंड और कैंसलेशन की नई नीति लागू की है, जो यात्रियों के लिए पहले से कहीं ज्यादा सख्त है. अब अगर कोई यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे पहले तक अपना टिकट कैंसिल नहीं कराता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा. मतलब यह है कि आपका पूरा किराया डूब जाएगा.

रिफंड और कैंसलेशन में सख्त नियम

इसके अलावा, कन्फर्म टिकट कैंसिल करने की स्थिति में भी नियम स्पष्ट हैं. अगर यात्री टिकट ट्रेन चलने से 72 घंटे से ज्यादा समय पहले कैंसिल करता है, तो रेलवे किराए का 25% काट लेगा और शेष राशि रिफंड करेगा. वहीं, अगर टिकट 72 घंटे से लेकर 8 घंटे के बीच कैंसिल किया जाता है, तो 50% राशि काट ली जाएगी और आधी राशि ही वापस मिलेगी. यह नई नीति यात्रियों को समय पर योजना बनाने के लिए प्रेरित करती है.

आरएसी सुविधा और कोटा में बदलाव

सामान्य ट्रेनों में आरएसी (RAC) टिकट के जरिए कम से कम ट्रेन में चढ़ने और आधी सीट मिलने की सुविधा मिल जाती थी. लेकिन वंदे भारत स्लीपर में यह सुविधा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है. इसके अलावा, इस ट्रेन में केवल कुछ विशेष कोटे ही मान्य होंगे. महिलाओं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास के लिए कोटा रखा गया है. किसी अन्य प्रकार का वीआईपी या सामान्य कोटा लागू नहीं होगा.

साथ ही, न्यूनतम यात्रा दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है. इसका मतलब यह है कि यात्री चाहे कम दूरी की यात्रा करें, उन्हें ट्रेन का चार्ज 400 किलोमीटर के आधार पर ही देना होगा.

हवाई जहाज जैसी यात्रा अनुभव

हावड़ा-गुवाहाटी रूट पर शुरू हुई यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित (Fully AC) है. इसे रात्री यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन इस रूट पर यात्रा के समय को लगभग ढाई घंटे तक कम करेगी.

रेलवे का मकसद है कि यात्रियों को किफायती किराए में हवाई जहाज जैसी सुविधा मिल सके. इसी कारण टिकट कैंसलेशन और रिफंड के नियम एयरलाइन की तरह सख्त बनाए गए हैं. यात्रियों को उम्मीद है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाएगी.

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