Porter For Throwing Garbage Viral Video: लखनऊ को तहज़ीब और नफासत के लिए जाना जाता है. यहां की भाषा, व्यवहार और मेहमाननवाज़ी की मिसाल दी जाती रही है. लेकिन हाल में वायरल हुए एक वीडियो ने शहर की एक ऐसी तस्वीर सामने रख दी, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. यह मामला किसी सड़क विवाद या ट्रैफिक की समस्या से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक ऑनलाइन डिलीवरी ऐप के गलत इस्तेमाल का है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है.
मामला एक डिलीवरी प्लेटफॉर्म पोर्टर से जुड़ा है, जिसका उपयोग आम तौर पर पार्सल या सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है. वीडियो में दिखता है कि एक महिला ग्राहक ऐप के जरिए सामान्य तरीके से पार्सल बुक करती है. राइडर समय पर पहुंचता है, महिला पैकेट उसे सौंपती है और यह भी बता देती है कि भुगतान पहले ही ऑनलाइन हो चुका है. शुरुआत में सब कुछ एक सामान्य डिलीवरी की तरह ही लगता है.
रास्ते में आया चौंकाने वाला फोन कॉल
कहानी तब पलटती है जब राइडर पार्सल लेकर निकल जाता है और रास्ते में एक सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद ग्राहक को कॉल करता है. वह सामान्य प्रक्रिया के तहत यह पूछता है कि पार्सल किस पते या किस व्यक्ति को देना है. राइडर को उम्मीद होती है कि सामने से कोई डिलीवरी लोकेशन या नाम बताया जाएगा. लेकिन फोन के दूसरी ओर से जो जवाब आता है, वह उसे हैरान कर देता है. महिला बेहद सहजता से कहती है कि पार्सल किसी को नहीं देना है, बस उसे फेंक देना है.
पार्सल में निकला सिर्फ कचरा
राइडर को पहले तो लगता है कि शायद यह कोई मज़ाक है, लेकिन बाद में उसे पता चलता है कि पैकेट में कोई जरूरी सामान नहीं बल्कि कूड़ा भरा हुआ है. यानी महिला ने जानबूझकर ऐप का इस्तेमाल सिर्फ इस मकसद से किया कि उसका कचरा कहीं दूर फेंक दिया जाए. इस पूरी घटना को राइडर ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया और वीडियो को दो हिस्सों में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया.
राइडर की नाराज़गी और मजबूरी
वीडियो के पहले हिस्से में राइडर ग्राहक से सवाल करता नजर आता है कि इस तरह किसी को कूड़ा फेंकने के लिए भेजना कितना सही है. वह अपनी नाराज़गी और हैरानी भी जाहिर करता है. हालांकि, काम के दबाव और हालात के चलते वह वही करता है जो उससे कहा गया था. वीडियो में वह व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहता भी दिखता है कि शायद लोग पोर्टर इसलिए चलाते हैं ताकि दूसरों का कचरा फेंकवाया जा सके. बाद में वह उस जगह कूड़ा डाल देता है, जहां पहले से ही लोग कचरा फेंकते आ रहे थे.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने महिला के व्यवहार को गैरजिम्मेदाराना बताया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि सुविधाओं का इस तरह दुरुपयोग करना कितना सही है. वहीं, कई यूजर्स ने डिलीवरी से जुड़े लोगों की मजबूरी और काम के हालात पर भी चर्चा की. यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो बनकर नहीं रह गई, बल्कि लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर गई कि सुविधा और सहूलियत के नाम पर हम दूसरों के प्रति कितने संवेदनशील हैं.
सुविधा बनाम जिम्मेदारी की बहस
यह पूरा मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि तकनीक और ऐप्स ने भले ही हमारी ज़िंदगी आसान बना दी हो, लेकिन उनके इस्तेमाल के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है. एक ओर कुछ लोग अपनी सुविधा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, वहीं दूसरी ओर डिलीवरी जैसे काम करने वाले लोग सीमित विकल्पों में अपनी रोज़ी-रोटी चलाने को मजबूर हैं. लखनऊ की पहचान तहज़ीब से जुड़ी रही है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि शहरों की असली पहचान लोगों के व्यवहार से बनती है, न कि सिर्फ नाम और इतिहास से.
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