Bihar: 200 से अधिक जगहों पर खुलने वाली है डिग्री कॉलेज, इसी साल के अंत तक हो जाएंगे शुरू; देखें लिस्ट

Degree Colleges In Bihar: बिहार में उच्च शिक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि सरकार ‘सात निश्चय-3’ के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जा रही है.

Bihar nitish kumar announce Degree colleges are going to be opened at more than 200 places see list
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Degree Colleges In Bihar: बिहार में उच्च शिक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि सरकार ‘सात निश्चय-3’ के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जा रही है. इसके चौथे संकल्प ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ के अंतर्गत राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है. इस पहल का मकसद खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और छात्राओं को उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच दिलाना है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल बिहार के 534 प्रखंडों में से 213 ऐसे हैं, जहां अब तक कोई भी अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज मौजूद नहीं है. सरकार ने तय किया है कि पहले चरण में इन्हीं सभी 213 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इन कॉलेजों में जुलाई 2026 तक पढ़ाई शुरू कर दी जाए, ताकि स्थानीय छात्रों को अपने ही इलाके में स्नातक स्तर की शिक्षा मिल सके.

छात्राओं को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार का मानना है कि प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेज खुलने से विशेष रूप से लड़कियों को काफी सहूलियत मिलेगी. अब उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों में जाने की मजबूरी नहीं होगी. इससे न सिर्फ उनकी सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी, बल्कि पढ़ाई छोड़ने की दर में भी कमी आने की उम्मीद है.

पुराने संस्थानों को बनाया जाएगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’

नई कॉलेजों की स्थापना के साथ-साथ राज्य सरकार पुराने और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को भी मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है. इस दिशा में कुल 55 शिक्षण संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए चुना गया है. इन संस्थानों के बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक गुणवत्ता और संसाधनों को आधुनिक जरूरतों के अनुसार उन्नत किया जाएगा.

अनुभवी शिक्षकों और छात्रों से लिया जाएगा सुझाव

सीएम नीतीश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रतिष्ठित संस्थानों के विकास के लिए वहां के अनुभवी शिक्षकों और पूर्व व वर्तमान छात्र-छात्राओं से विमर्श किया जाएगा. उनके सुझावों के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से सुधार कार्य किए जाएंगे, ताकि संस्थानों की अकादमिक पहचान और गुणवत्ता को दोबारा मजबूती मिल सके.

रोजगारपरक शिक्षा पर भी रहेगा जोर

सरकार का फोकस सिर्फ कॉलेज खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर भी दिया जा रहा है. ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित होने वाले संस्थानों में युवाओं को रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम और कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है. इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर करियर विकल्प भी मिल सकेंगे.

राज्य के समग्र विकास में मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेजों की स्थापना और प्रतिष्ठित संस्थानों का उन्नयन, दोनों ही कदम बिहार के चहुंमुखी विकास में अहम भूमिका निभाएंगे. इससे न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, बल्कि लंबे समय में मानव संसाधन का विकास भी होगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रगति को गति देगा.