Pezeshkian Warn Trump: पश्चिम एशिया में स्थिति दिन-ब-दिन तनावपूर्ण होती जा रही है. ईरान ने हाल ही में अपने ऊपर हुए हमलों का जवाब देने के लिए कदम उठाए हैं. इस बार ईरान ने इजरायल के कुछ महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. यह स्पष्ट संदेश है कि बड़े नेताओं या टॉप कमांडर्स के मारे जाने के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत को कम आंकना भूल होगी.
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से यह भी जाहिर होता है कि ईरान अब केवल रक्षात्मक नहीं है, बल्कि वह आवश्यक होने पर आक्रामक भी हो सकता है. इस पूरे तनाव ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और तेल आपूर्ति दोनों के मामलों में चिंता बढ़ा दी है.
ईरान के राष्ट्रपति का संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो लोग ईरान को नक्शे से मिटाने का भ्रम पाल रहे थे, अब वे हताश हो चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को डराने की सभी कोशिशें हमेशा उल्टी साबित हुई हैं.
पेजेश्कियान ने यह स्पष्ट किया कि बाहरी खतरे और आतंक ने ईरान की जनता को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया है. उनके अनुसार, देश की जनता ने इन कठिन परिस्थितियों में अपनी एकता और दृढ़ता को और अधिक मजबूत किया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं होगी.
होर्मुज़ स्ट्रेट और वैश्विक तेल आपूर्ति
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. यह मार्ग खाड़ी के देशों से होकर विश्व भर में तेल की सप्लाई करता है. पेजेश्कियान ने कहा कि यह मार्ग उन सभी के लिए खुला रहेगा जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हैं.
लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करेंगे या देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उनके लिए होर्मुज़ स्ट्रेट के दरवाजे बंद होंगे. इस बयान का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर हो सकता है क्योंकि दुनिया का लगभग 20 फीसदी कच्चा तेल इसी संकीर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस मार्ग में कोई अवरोध या खतरा पैदा होता है, तो तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हो सकती है और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है. इसलिए ईरान की इस चेतावनी को अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी गंभीरता से देख रहा है.
ईरान की रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान की यह रणनीति केवल रक्षा तक सीमित नहीं है. इसके पीछे यह संदेश भी है कि ईरान अपने क्षेत्रीय हितों और सुरक्षा के लिए किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगा. पेजेश्कियान ने यह जताया कि कोई भी बाहरी शक्ति ईरान की ताकत और जनता की एकता को हल्के में न ले.
इस पूरी स्थिति ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है. दुनिया के कई देशों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि आने वाले समय में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच स्थिति किस तरह विकसित होगी.
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