PM Modi High Level Meeting: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के हालात को देखते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम इमरजेंसी बैठक बुलाई. यह बैठक उनके आवास पर हो रही है, जिसमें देश की ऊर्जा और जरूरी सप्लाई को लेकर गहन चर्चा की जा रही है. सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि इस वैश्विक संकट का असर भारत की आम जनता पर कम से कम पड़े.
इस हाई-लेवल मीटिंग में कच्चे तेल, गैस और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन की विस्तार से समीक्षा की जा रही है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चुनौतियां भी बढ़ी हैं. ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि देश में ईंधन और बिजली की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे.
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi chairs a high-level meeting to review the situation related to petroleum, crude, gas, power and fertiliser sectors in view of the evolving West Asia situation. pic.twitter.com/SOP5TDzWmc
— ANI (@ANI) March 22, 2026
कई बड़े मंत्री और अधिकारी शामिल
बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद हैं. इसमें गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा पीयूष गोयल, हरदीप सिंह पुरी, प्रह्लाद जोशी, अश्विनी वैष्णव, के. राम मोहन नायडू, जे.पी. नड्डा, सर्वानंद सोनोवाल, मनोहर लाल खट्टर और शिवराज सिंह चौहान भी बैठक का हिस्सा हैं.
सरकार की प्राथमिकता क्या है
सरकार का साफ कहना है कि चाहे अंतरराष्ट्रीय हालात कितने भी खराब क्यों न हों, देश में जरूरी संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी. खास तौर पर पेट्रोल-डीजल, गैस और बिजली जैसी बुनियादी जरूरतों की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके लिए वैकल्पिक स्रोतों और रणनीतियों पर भी चर्चा की जा रही है.
आम जनता पर असर कम रखने की कोशिश
सरकार इस संकट के दौरान आम लोगों पर आर्थिक बोझ न बढ़े, इस दिशा में भी काम कर रही है. कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर न पड़े. यही वजह है कि इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, जहां से आने वाले दिनों के लिए बड़ी रणनीति तय की जा सकती है.
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