नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक नया कीर्तिमान दर्ज हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय तक सत्ता के शीर्ष पद पर बने रहने का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने इस मामले में पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ दिया है, जो अब तक भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता थे.
पवन कुमार चामलिंग ने सिक्किम के मुख्यमंत्री के रूप में 8,930 दिनों तक शासन किया था. वहीं नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के कुल कार्यकाल को मिलाकर 8,931 दिन पूरे कर लिए हैं. इस तरह वे देश में सबसे लंबे समय तक शीर्ष पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं. यह उपलब्धि न केवल उनकी राजनीतिक स्थिरता को दर्शाती है, बल्कि दशकों तक निरंतर नेतृत्व करने की क्षमता का भी प्रमाण है.
लंबे अनुभव वाले प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर कई मायनों में खास रहा है. वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनके पास मुख्यमंत्री के रूप में इतना लंबा प्रशासनिक अनुभव रहा है.
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने राज्य में सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया. उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में कई बड़े विकास कार्य हुए, जिसने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत पहचान दिलाई.
लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीते
पीएम मोदी के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज है. वे आजादी के बाद पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव- 2014, 2019 और 2024 में जीत हासिल की है.
यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में बेहद खास मानी जाती है, क्योंकि इतने लंबे समय तक जनता का भरोसा बनाए रखना आसान नहीं होता. इसके साथ ही वे लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता भी हैं.
RSS से राजनीति तक का सफर
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की.
इसके बाद 1985 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे. धीरे-धीरे उन्होंने पार्टी में अपनी पहचान मजबूत की और राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे.
गुजरात से दिल्ली तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद उन्होंने 2001, 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल कर लगातार चार बार राज्य का नेतृत्व किया.
मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल 22 मई 2014 तक चला, जो करीब 12 साल 7 महीने का रहा, यह अपने आप में एक लंबा और प्रभावशाली कार्यकाल माना जाता है.
प्रधानमंत्री के रूप में लंबा कार्यकाल
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. तब से लेकर अब तक वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं.
जून 2024 में उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. 4,000 से अधिक दिनों तक इस पद पर बने रहकर वे देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं.
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