पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में हाल के दिनों में हिंसा की घटनाओं में तेज़ी देखने को मिली है. बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” के तहत सुरक्षा बलों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमलों की जिम्मेदारी ली है. सोशल मीडिया पर संगठन से जुड़े कई वीडियो और बयान सामने आए हैं, जिनमें इन हमलों को लेकर दावे किए जा रहे हैं. दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना और प्रशासन ने भी इन घटनाओं की पुष्टि करते हुए कहा है कि प्रांत के कई इलाकों में एक साथ विस्फोट और हमले हुए हैं.
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बलोचिस्तान के कम से कम 9 शहरों में सिलसिलेवार धमाके और हमले हुए, जिनमें कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है. प्रशासन का कहना है कि इन कार्रवाइयों में आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवान भी प्रभावित हुए हैं. हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर विद्रोही संगठन और सरकारी पक्ष के दावों में बड़ा अंतर नजर आ रहा है.
1 Gun Fire by Baloch Freedom Fighters and Pakistan Army Running Like Rats 😂😂#herof2 pic.twitter.com/9xNiDWnwNT
— Shahaan Baluch (@Shahaanbaloch95) February 2, 2026
दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग
BLA की ओर से जारी बयान में दावा किया गया है कि ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के दौरान बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मी मारे गए हैं. संगठन का यह भी कहना है कि कई जवान घायल हुए और कुछ को बंदी बनाया गया है. इसके अलावा, उन्होंने सरकारी इमारतों, चौकियों और वाहनों पर कब्जे का दावा भी किया है.
🚨🚨Female Baloch Freedom Fighter Hawa Baloch :
— Shahaan Baluch (@Shahaanbaloch95) February 1, 2026
“We have killed all Pakistani Army Personal, they are coward not moving forward. We are bored at camp”
She is laughing at Pakistan Army . pic.twitter.com/UlCD6vNYiW
वहीं, पाकिस्तानी प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में दर्जनों बलोच लड़ाकों को मार गिराया है और कई ठिकानों को नष्ट किया गया है. सेना का दावा है कि वह क्षेत्र में हालात को काबू में लाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है. दोनों पक्षों के आंकड़ों में फर्क होने के कारण सही स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ पा रही है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरें
इन घटनाओं के बीच बलोच नेताओं और समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर कई वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं. इनमें कथित तौर पर विद्रोही लड़ाके नजर आते हैं, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं. इन वीडियो के जरिए संगठन अपने समर्थकों को संदेश देने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है.
The Baloch Liberation Army published an image of another Baloch female freedom fighter, Asifa Mengal, who was part of Operation Herof 2.0. pic.twitter.com/5HjXZAK05s
— Shahaan Baluch (@Shahaanbaloch95) February 1, 2026
हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली कई जानकारियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल होता है. कई बार ऐसे वीडियो मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने या प्रचार के उद्देश्य से भी जारी किए जाते हैं.
बलोचिस्तान में विद्रोह की पृष्ठभूमि
बलोचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान का सबसे अशांत इलाका रहा है. यहां के कई समूह राजनीतिक अधिकारों, स्वायत्तता और संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार को लेकर आंदोलन करते रहे हैं. बलोच नेताओं का आरोप है कि प्रांत में मौजूद प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से मिलने वाला लाभ स्थानीय आबादी तक नहीं पहुंचता, बल्कि उसका इस्तेमाल केंद्र सरकार और अन्य क्षेत्रों के लिए किया जाता है.
🇵🇰😂Pakistan’s military regime measures every official by its own standards.
— Afghanistan Defense (@AFGDefense) January 31, 2026
Today, when the Baloch attacked it, it broke down in tears—yet it still calls itself a nuclear power. pic.twitter.com/3tIhVYjama
इसी असंतोष के चलते समय-समय पर विद्रोही गतिविधियां तेज होती रही हैं. कई दशकों से चल रहे इस संघर्ष में आम नागरिकों की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने हालात को और जटिल बना दिया है.
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